jaya kishori bhajan Hindi bhajan Summary jaya kishori bhajan Summary

गणी दूर से दौड़ियो ,थारी गाडूली के लार।
गाड़ी में बिठाले रे बाबा ,जानो है नगर अंजार। २

नरसी बोलियों मारे ,सागे कई करसी। २
ओडन कपडा नाही ,बैठ सिया मर सी। २
बूढ़ा बेल टूटियोड़ी गाड़ी,पैदल जावे हां। २
गाड़ी में बिठाले रे बाबा ,जानो है नगर अंजार। २

ज्ञान दास जी केवे,गाडूली तोड़े ला। २
गणी भीड़ में टूटे ,मारे एकतारे रो तार। २
गाड़ी में बिठाले रे बाबा ,जानो है नगर अंजार। २

नानी बाई रो भात ,देखबा चालू लो। २
पुण पावलो थाली ,में भी डालू ला।२
दोई चार दिन चोखा,चोखा जीमु जीमण वा। २
गाड़ी में बिठाले रे बाबा ,जानो है नगर अंजार। २

जोड़े ऊपर बैठे,हाक सु में न्यारा । २
थे कर ज्यो आराम ,दाब सु पग थारा। २
घडी चार के तड़के ,थाने पंहुचा दू अंजार। २
गाड़ी में बिठाले रे बाबा ,जानो है नगर अंजार। २

टूट्योड़ी गाड़ी भी,आज विमान बनी। २
नरसी गावे भजन ,सुने खुद श्याम धणी। २
सूर्या सकला पीठ थपेड़े ,जीवतो रे मोटियार। २
गाड़ी में बिठाले रे बाबा ,जानो है नगर अंजार। २

jaya kishori ji bhajan video
भजन :- जानो है नगर अंजार
गायिका :- जाया किशोरी जी

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