kaun kisi ka mat pita sanwarmal saini ka bhajan Hindi Lyrics

कोण किसी का मात पिता है ,कौन किसी की नारी।
कौन किसी का बेटा बेटी ,झूठी दुनिया दारी।

जब तक तन में प्राण बसे था ,तब तक ही था नाता ।
ना अब बेटा तेरा राणी ,ना तू उसकी माता
आवागम लगा दुनिया में ,कोई आता कोई जाता।
अमर रहे ना जग में प्राणी ,काल सभी ने खाता।
मरी लाश की आश छोड़ दे ,रटले कृष्ण मुरारी।
कौन किसी का बेटा बेटी ,झूठी दुनिया दारी।
कौन किसी। ….

सूरज चाँद उगने से रह ग्या ,धरती चाहे हिल जावे।
आसमान स्थान छोड़ दे ,पृथ्वी से मिल आ जावे।
अग्नि चाहे ठंडी हो जा ,पानी से जग जल जावे।
हरी चंद सत छोड़ सके ना ,चाहे प्राण निकल जावे।
होनी आगे जोर चले ना ,ईश्वर की लीला न्यारी।
कौन किसी का बेटा बेटी ,झूठी दुनिया दारी।
कौन किसी। ….

परमेशवर की अजब गति है ,पल में रास रचा दे।
बस्ती खेड़ा उजड़ कर दे ,वन में शेर बसा दे।
फिकर काक मग नाव तिरानी ,तेरा धर्म निभाते है।
दंड घाट का देखे रानी ,सुध की लाश जलाते है।
रो रो के चाहे प्राण गवा दे ,सुनता कोण तुम्हारी।
कौन किसी का बेटा बेटी ,झूठी दुनिया दारी।
कौन किसी। ….

मेरे पास पैसे दाम नहीं अब ,कैसे दंड चुकाउ में।
केवे हरी चंद क्यों गबरावे ,एक उपाये बताऊ में।
आधा चीर फाड् कर दे दे ,तेरा काम जपाउ में।
हरी नारायण शर्मा कहता ,नाम हरी का गाउ में।
आधा चीर दंड का देके ,करी चीता की तैयारी।
कौन किसी का बेटा बेटी ,झूठी दुनिया दारी।
कौन किसी। ….

kaun kisi ka beta beti Bhajan Video
भजन :- कौन किसी का मात पिता है
गायक :- सांवरमल सैनी

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