samay ko bharoso koni kad palti mar jave rajasthani bhajan lyrics

कदी कदी गाडरा सु ,सिंह हार जावे।
समय को भरोसो कोनी ,कद पल्टी मार जावे। २

गुरु वसिष्ठ महा मुनि ज्ञानी ,लिख लिख बात बतावे। २
श्री राम जंगल में जावे ,किस्मत पलटी खावे।
राजा दशरथ प्राण त्याग दे। हाथ लगा नहीं पावे। २
समय को भरोसो कोनी ,कद पल्टी मार जावे। २

राजा हरीचंद रानी तारामती ,रोहितास कवर कहावे।
ऐसो खेल रच्यो मेरे दाता ,तीनो ही बिकबा जावे।
एक हरिजन एक ब्राह्मण घर ,एक कुबदा घर जावे।
समय को भरोसो कोनी ,कद पल्टी मार जावे। २

राजा की बेटी पदमा कहिये ,मोर लार परनावे।
मोर जाय जंगल में मर गयो ,किस्मत पलटी खावे।
मेर भई शिवजी की ऐसी ,मोर को मर्द बनावे।
समय को भरोसो कोनी ,कद पल्टी मार जावे। २

राजा भरतरी रानी पिंगला ,मेहला में सुख पावे।
शिकार खेलने राजा भरतरी ,जंगल माई जावे
गोरखनाथ गुरु ऐसा मिलिया। राजा जोगी बण जावे।
समय को भरोसो कोनी ,कद पल्टी मार जावे। २

गुरु कह ममता की वाणी ,अमृत रस बरसावे। २
मारो मनडो कयो नई माने ,फिर फिर गोता खावे।
हरिदास गुरु मिलिया पूरा ,राम दास जस गावे।
समय को भरोसो कोनी ,कद पल्टी मार जावे। २

shyam paliwal ke bhajan | भजन :- समय को भरोसो कोनी | गायक :- श्याम पालीवाल

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