गुरूसा बिना कौन प्रेम जल पावे देसी भजन लिरिक्स

गुरूसा बिना कौन प्रेम जल पावे,कूपो रा नीर किणी विध सूखे,सीर सायर सू आवे,गुरूजी बिन कौन प्रेम जल पावे।। कर्मो री जहाजों दो प्रकाशा,शुभ अशुभ कहावे,अशुभ कर्म ने दूर हटावे,शुध्दि…

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