बुढ़ापे बैरी कौण सुणेगा तेरी बात हरियाणवी भजन लिरिक्स

बुढ़ापे बैरी,कौण सुणेगा तेरी बात।। आया बुढ़ापा कान में कह गया,तीन पते की बात,मीठा बोलिए ले क चलिए,लाठी दे दी हाथ,बुढापे बैरी,कौण सुणेगा तेरी बात।। बेटी त घरबार चली जा,बैटै…

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