अति कभी ना करना प्यारे इति तेरी हो जायेगी भजन लिरिक्स

अति कभी ना करना प्यारे,
इति तेरी हो जायेगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी,
अति कभी ना करना प्यारें,
इति तेरी हो जायेगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी।।

अति सुंदर थी सिता मईया,
जिसके कारण हरण हुआ,
अति घमंडी था वो रावण,
जिसके कारण मरण हुआ,
अति सदा वर्जित है बन्दे,
क्षति तेरी हो जाएगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी।।

अति वचन बोली पांचाली,
महाभारत का युद्ध हुआ,
अतिदान देकर के राजा,
बली भी बंधन युक्त हुआ,
अति विश्वास कभी ना करना,
मति तेरी फिर जायेगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी।।

अति बलशाली सेना लेकर,
कौरव चकना चूर हुए,
अति लालच वश जाने कितने,
सत कर्मो से दूर हुए,
अति के पीछे ‘हर्ष’ ना भागो,
अति अंत करवायेगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी।।

अति कभी ना करना प्यारें,
इति तेरी हो जायेगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी,
अति कभी ना करना प्यारे,
इति तेरी हो जायेगी,
बिन पंखो के पंछी जैसी,
गति तेरी हो जायेगी।।

भजन अति कभी ना करना प्यारे इति तेरी हो जायेगी भजन लिरिक्स
तर्ज – भला किसी का कर ना सको।

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