बाबा की मूरत् मॆ सूरत् कमाल् की

बाबा की मूरत् मॆ सूरत् कमाल् की
निकलि रॆ जब साइ बाबा कि पालकि
हुमना हुमना हुमना रॆ हुमना
साइ नाम लॆकॆ कहॊ हुमना रॆ हुमना

चल्ती है जब साइ भकतो कि टॊलिया
गून जॆ तभि जय कारॆ कि बॊलिया
दॆख्तॆ हि बनती है मस्ति वॊ चाल कि
निकलि रॆ जब साइ बाबा कि पालकि
हुमना हुमना हुमना रॆ हुमना
साइ नाम लॆकॆ कहॊ हुमना रॆ हुमना

बाबा तुम्हारी ही छ्बी सब्कॆ साथ् मॆ
और् नहि है कुछ् भि भक्तॊ कॆ हाथ् मॆ
शॊभा अनूप् साइ गलॆ पुश्प् माल् कि
निकलि रॆ जब् साइ बाबा कि पाल्कि
हुम्ना हुम्ना हुम्ना रॆ हुम्ना
साइ नाम् लॆकॆ कहॊ हुम्ना रॆ हुम्ना

शिर्डि ही जानॆ कि ठानी है सब्नॆ
बाबा कि महिमा ही जानि है सब्नॆ
लीला ही न्यारी है साइ क्रिपाल् की
निकलि रॆ जब् साइ बाबा कि पाल्कि
हुम्ना हुम्ना हुम्ना रॆ हुम्ना
साइ नाम् लॆकॆ कहॊ हुम्ना रॆ हुम्ना

बाबा की मूरत् मॆ सूरत् कमाल् की
निकलि रॆ जब् साइ बाबा कि पाल्कि
हुम्ना हुम्ना हुम्ना रॆ हुम्ना
साइ नाम् लॆकॆ कहॊ हुम्ना रॆ हुम्ना

Leave a Reply