मोरे मन में बसो श्रीराम यही तेरा मन्दिरवा

जिनके चरणों में सारा जहान,
उन्हें मेरा वन्दनवा,
मोरे मन में बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।

राम जन्म के कई है कारण,
हम नादां क्या गायें,
सुने जो मनसे नर अरु नारी,
जीवन धन्य बनाये,
कहे तुलसीजी बारम्बार,
लगालो अब मनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।

विश्व मोहिनी नही मिली तब,
नारद श्रापित कीन्हो,
मनु शतरूपा ने श्रीहरि से,
पुत्र वचन लै लीन्हो,
लंका जन्मेंगे भानुप्रताप,
बनेंगे रावनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।

नगर अयोध्या में दशरथ हैं,
कौशल्या महारानी,
गुरु सन विनय करी राजा ने,
सुतबिन गई जवानी,
ऋषि श्रृंगी करेंगे उपाय,
चहक उठे आँगनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।

अवध अवतरेउ सब के स्वामी,
सन्तन के हितकारी,
उनकी हर इक लीला पे,
हम जाएं बलिहारी,
पितु मात मगन होइ जाएं,
करें जो नन्दनवा,
मोरे मन मे बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।

जिनके चरणों में सारा जहान,
उन्हें मेरा वन्दनवा,
मोरे मन में बसो श्रीराम,
यही तेरा मन्दिरवा।।

राम भजन मोरे मन में बसो श्रीराम यही तेरा मन्दिरवा

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