रानी पद्मावती है गौरव राजस्थान की गीत लिरिक्स

माँ प्रतीक रही है रजपूती स्वाभिमान की,
सती अनुसुइया ज्यु पद्मावती स्वाभिमान जी,
रानी पद्मावती है गौरव राजस्थान की,
रानी पदमावती है गौरव राजस्थान की।।

राणा रतन सिंह वीर महारानी,
सारी दुनिया आ गाथा जाणी,
माँ पद्मावती रे जौहर रो है बखान जी,
माँ चितौड़गढ़ री आन बान और शान जी,
सती अनुसुइया ज्यु पद्मावती स्वाभिमान जी,
रानी पदमावती है गौरव राजस्थान की,
इतिहास करे है पद्मावती रो गुण गान जी।।

रूपवती पद्मावती रानी,
क्षत्रिय कुल री राजपूतानी,
मुगल बादशाह रण में आयो,
निरखन रो संदेश भिजायो,
बात सुनी जद राजपूतानी,
जौहर करवा री मन में ठानी,
रजपूती केसरिया धारे,
रण माई मुगला ने मारे,
अब बात अडी है रजपूती सम्मान की,
सती अनुसुइया ज्यु पद्मावती स्वाभिमान जी,
रानी पदमावती है गौरव राजस्थान की,
इतिहास करे है पद्मावती रो गुण गान जी।।

रानी पद्मावती ध्यान लगायी,
मात भवानी ने हिरदे बसायी,
सब रानियाँ मिल जौहर री ठानी,
एकलिंग जी ने शिश निवायी,
सज सोलह सिन्गार है आयी,
जौहर री ज्वाला धदकाई,
कूद पडी नही देर लगाई,
पद्मावती अग्नि कुण्ड मे समाई,
तलवार हाथ में मुख पर थी मुस्कान जी,
सती अनुसुइया ज्यु पद्मावती स्वाभिमान जी,
रानी पदमावती है गौरव राजस्थान की,
इतिहास करे है पद्मावती रो गुण गान जी।।

राजपूत मर्यादित रानी,
पद्मावती रो जश है भारी,
प्राण दिया मर्यादा न खोई,
हुई न नारी ऐसी बोई,
नख भी देख नही कोई पायो,
रजपूती माँ धर्म निभायो,
जय जय जय पद्मावती रानी,
किरत बाची अशोक अजानी,
गावे ‘श्याम’ महिमा पद्मावती सम्मान की,
रानी पद्मावती पर जन जन ने अभिमान जी,
रानी पदमावती है गौरव राजस्थान की,
इतिहास करे है पद्मावती रो गुण गान जी।।

माँ प्रतीक रही है रजपूती स्वाभिमान की,
सती अनुसुइया ज्यु पद्मावती स्वाभिमान जी,
रानी पद्मावती है गौरव राजस्थान की,
रानी पदमावती है गौरव राजस्थान की।।

राजस्थानी भजन रानी पद्मावती है गौरव राजस्थान की गीत लिरिक्स
तर्ज – हम कथा सुनाते।

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