राम घर आया शबरी करे है बधावना

राम घर आया शबरी,
करे है बधावना।

दोहा – राम नाम रटते रहो,
ओर जबतक घट में प्राण,
कभी तो दिनदयाल के,
प्रभु भनक पडेगी कान।

राम घर आया शबरी,
करे है बधावना,
करे है बधावना,
करे है बधावना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

छाक छाक बोर लायी,
मीठा मारा राम खाई,
छाक छाक बोर लायी,
मीठा मारा राम खाई,
ए प्रभु ने जीमावना,
ऐसी मन री भावना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

राम केवे जीमो भाई,
मीठा देखो मिसरी नाही,
अरे राम केवे जीमो भाई,
मीठा है पन मिसरी नाही,
अरे माता ने जीमाया नहीं,
ऐसा स्वाद सुहावना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

आधा लक्ष्मण ने दिया,
झूठा जाने फेक दिया,
ए आधा लक्ष्मण ने दिया,
झूठा जाने फेक दिया,
उन रे जैसा जीमन भई,
लक्ष्मण को जीमावना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

सारा ऋुषी केवन लागा,
शबरी थारा भाग जागा,
सारा ऋुषी केवन लागा,
शबरी थारा भाग जागा,
अरे राम घर आवना,
जन्म सुधारना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

अरे ऊंच नहीं नीच नहीं,
सिवरे जटे आवे साई,
ऊंच नहीं नीच नहीं,
सिवरे जटे आवे साई,
अरे तुलसीदास प्रेमा भक्ति,
हरी के मन भावना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना,
करे है बधावना,
करे है बधावना,
राम घर आया शबरीं,
करे है बधावना।।

राजस्थानी भजन राम घर आया शबरी करे है बधावना

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