शिर्डी मे उड़े रे गुलाल

जिसने जानी साईं की माया, दौड़ दौड़ के, शिर्डी वो आया – २
साईं का देखा कमाल, के साईं का जवाब नहीं – २
शिर्डी मे उड़े रे गुलाल, के सै का जवाब नहीं – २

नार नारी सब, नाम पुकारे
साईं जी सबके, काज सावरे
मीटते है सब जंजाल, के साईं का जवाब नहीं – २
शिर्डी मे उड़े रे गुलाल, के साईं का जवाब नहीं – २

श्रद्धा सबूरी का मंत्र निराला,
जो भी पीले, साईं का प्याला
सब को किया खुशहाल, के साईं का जवाब नहीं – २
शिर्डी मे उड़े रे गुलाल, के साईं का जवाब नहीं – २

तीनो लोक का साईं हैं दाता,
सदगुरु साईं भाग्य विधाता
रखता है सबका खयाल, के साईं का जवाब नहीं – २
शिर्डी मे उड़े रे गुलाल, के साईं का जवाब नहीं – २

भक्‍तों की आँखों के, बाबा है तारे,
भक्‍तों का मेला साईं के द्वारे,
दर्शन की लगी रे कतार, के साईं का जवाब नहीं -2
शिर्डी मे उड़े रे गुलाल, के साईं का जवाब नहीं – २

जिसने जानी साईं की माया, दौड़ दौड़ के, शिर्डी वो आया – २
साईं का देखा कमाल, के साईं का जवाब नहीं – २
शिर्डी मे उड़े रे गुलाल, के सै का जवाब नहीं – २
साईं का देखा कमाल, के साईं का जवाब नहीं – २

Leave a Reply