धरगे गुरु मुरारी हाथ सुझण लागी अगत की बात

धरगे गुरु मुरारी हाथ,
सुझण ागी अगत की बात,
सबके कष्ट मिटावः सः,
मन्नै सुणी स चोटी आले में,
बाबा आवः स

बाबा की दिखः स परछाई,
सच्ची अखण्ड जोत जगाई,
सच्चा ध्यान लगावः स,
मन्नै सुणी स चोटी आले में,
बाबा आवः स।।

कई कई घण्टे जाप करः स,
सिर सतगुरु हाथ धरः स,
मन का भरम मिटावः स,
मन्नै सुणी स चोटी आले में,
बाबा आवः स।।

छोटी सी पुलिया प धाम,
भक्ति होरी स निसकाम,
मन में मस्ती छावः स,
मन्नै सुणी स चोटी आले में,
बाबा आवः स।।

राजपाल भक्त स भोला,
इसमें झुठ नहीं स तोला,
दुनिया साथ निभावः स,
मन्नै सुणी स चोटी आले में,
बाबा आवः स।।

धरगे गुरु मुरारी हाथ,
सुझण लागी अगत की बात,
सबके कष्ट मिटावः सः,
मन्नै सुणी स चोटी आले में,
बाबा आवः स।।

Leave a Reply