सोटा घुमे दुनिया भर में हरयाणवी भजन लिरिक्स

सोटा घुमे दुनिया भर में,
बैठा मेंहदीपुर मंदिर में,
अपणा झंण्डा गाड क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क।।

दुखिया का एक साहरा,
बाबा का मंदिर प्यारा,
निचे तीन पहाड़ के,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क,
सोटा घुमः दुनिया भर में,
बैठा मेंहदीपुर मंदिर में,
अपणा झंण्डा गाड क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क।।

ये राम भक्त कहलाया,
दुनिया का भ्रम मिटाया,
दिखाया सीना फाड़ क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क,
सोटा घुमः दुनिया भर में,
बैठा मेंहदीपुर मंदिर में,
अपणा झंण्डा गाड क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क।।

जो भुत घणे हों खोटे,
बालाजी मारः सोटे,
लयावः केश फाड़ क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क,
सोटा घुमः दुनिया भर में,
बैठा मेंहदीपुर मंदिर में,
अपणा झंण्डा गाड क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क।।

अशोक भक्त में शक्ति,
मन्नै बालाजी की लगती,
ना धोरः राड़ क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क,
सोटा घुमः दुनिया भर में,
बैठा मेंहदीपुर मंदिर में,
अपणा झंण्डा गाड क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क।।

सोटा घुमे दुनिया भर में,
बैठा मेंहदीपुर मंदिर में,
अपणा झंण्डा गाड क,
भुतां ने पिटः बालाजी,
घर तं काढ क।।

Leave a Reply