होली के भजन | Holi Ke Bhajan Lyrics

होली के भजन / Holi Ke Bhajan Lyrics in hindi | collections of holi songs bhajans lyrics page and post on lyrics in hindi site page

आज बृज में होली है रे रसिया होली भजन

आज बृज में होली है रे रसिया,

होरी रे रसिया,

बरजोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

घर घर से ब्रज बनिता आई,

घर घर से ब्रज बनिता आई,

कोई सांवर कोई गोरी है रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन गाँव के कुंवर कन्हैया,

कौन गाँव के कुंवर कन्हैया,

कौन गावं राधा गोरी है रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

नन्द गावं के कुंवर कन्हैया,

नन्द गावं के कुंवर कन्हैया,

बरसाने की राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन वरण के कुंवर कन्हैया,

कौन वरण के कुंवर कन्हैया,

कौन वरण राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

श्याम वरण के कुंवर कन्हैया,

श्याम वरण के कुंवर कन्हैया,

गौर वरण राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

इत ते आए कुंवर कन्हैया,

इत ते आए कुंवर कन्हैया,

उत ते राधा गोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन के हाथ कनक पिचकारी,

कौन के हाथ कनक पिचकारी,

कौन के हाथ कमोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,

राधा के हाथ कमोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

उडत गुलाल लाल भए बादल,

उडत गुलाल लाल भए बादल,

मारत भर भर झोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

अबीर गुलाल के बादल छाए,

अबीर गुलाल के बादल छाए,

धूम मचाई रे सब मिल सखिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,

चिर जीवे यह जोड़ी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

आज बृज में होली है रे रसिया,

होरी रे रसिया,

बरजोरी रे रसिया,

आज बृज में होली है रे रसिया।।

श्याम मेरी चुनर पे रंग मत डाल होली भजन

श्याम मेरी चुनर पे,

रंग मत डाल,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

भर पिचकारी कान्हा,

सन्मुख ना मारो,

अबीर गुलाल मेरे,

मुख पे ना डारो,

आज आई -2,

करके मैं सोलह श्रृंगार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

बीच बजरिया,

ना रोको मुरारी,

जाने दो श्याम,

मत आवो अगाड़ी,

पकड़ो ना बहिया जी-2,

पराई हू नार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

संग सहेली सब,

हांसी करेगी,

सास ननंद की मोहे,

डांट पड़ेगी,

झगडेंगे सैया जी-2,

घर पे हमार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

‘मंत्री’ कहे विनती,

अब सुन लो हमारी,

भक्त ‘दयाल’ रहे,

शरण तुम्हारी,

श्याम तेरे चरणों में-2,

जाऊं बलिहार,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

श्याम मेरी चुनर पे,

रंग मत डाल,

विनती करूं पैया पडु,

तोरे बार-बार।।

होली आई उड़े रे गुलाल भजन

होली आई उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

फागुण मास सुरंगों आयो,

संग में सारी खुशियां लायो,

अरे उड़े रे बदन में झाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

ब्रज की नवेली बड़ी अलबैली,

चम्पा चमेली छेल छबीली,

नाचे दे दे ताल,

डालो जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

नटवर नागर कृष्ण मुरारी,

भर पिचकारी सखियों को मारी,

कर दिया हाल बेहाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया,

कैसरिया जी रंग कैसरिया,

होली आयी उड़े रे गुलाल,

डालो जी रंग कैसरिया।।

फागुण की अल मस्त बहारे,

वृन्दावन में छाई,

झूम उठा ब्रज अल मस्ती में,

ऐसी होली छाई,

राधा के संग चंद सखी और,

सखिया नई नवेली,

बरसाने से आई खेलने,

वृंदावन में होरी,

हिल मिल होरी खेल रहे है,

ब्रज के ग्वाल गुजरिया,

श्याम के संग में छेल छबिले,

नई उमर के रसिया,

नन्द गाँव के द्वार मची है,

होली खेले नर नारी,

वृंदावन की इस होली पर,

जाऊ मैं बलि हारी,

जाऊ मैं बलि हारी।।

कैसी होली श्याम मचाये रे भजन

कैसी होली श्याम मचाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

एक तरफ है लाड़ली राधे,

दूजे कुंवर कन्हैया,

रंग गुलाल उड़ावे हिल मिल,

नाचे ताता थईया,

प्यारी बंसी श्याम बजाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

भर पिचकारी रंग कैसरिया,

सखियों पे बरसावे,

देख गुजरिया नई चुनरिया,

सारे शोर मचावे,

गोरी बच के निकल ना जाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

ढोल मजीरे बाज रहे है,

बाज रही शहनाई,

नन्दगाँव बरसाना गोकुल,

ब्रज के लोग लुगाई,

होली गाते चंग बजाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

कैसी होली श्याम मचाये रे,

नाचे ब्रज के ग्वाल गोपिया,

ताल बजाये रे,

कैसी होली श्याम मचाये रे।।

होली खेल रहे नन्दलाल गोकुल की कुञ्ज गलिन में

होली खेल रहे नन्दलाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मेरे घर मारी पिचकारी,

मेरी भीगी रेशम साड़ी,

मेरे घर मारी पिचकारी,

मेरी भीगी रेशम साड़ी,

अरे मेरे मुँह पे मलो गुलाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

लिए ग्वाल बाल सब संग में,

रंग गई बसंती रंग में,

लिए ग्वाल बाल सब संग में,

रंग गई बसंती रंग में,

अरे मेरी चली ना कोई चाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मेरी रन्ग से भरी कमोरी,

कंकरिया मार के फोरी,

मेरी रन्ग से भरी कमोरी,

कंकरिया मार के फोरी,

में तो पड़ी हाल बेहाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मोसे हँस के बोलो बेना,

तोहे सही बताऊ बहना,

मोसे हँस के बोलो बेना,

तोहे सही बताऊ बहना,

मैं कर दई हरी और लाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

होली खेल रहे नन्दलाल,

गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

बरसाने में आज धूम मची होली की भजन

बरसाने में आज धूम मची होली की,

धूम मची होली की, धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

रंग रंगीलो फागुण आयो,

ब्रज वासी को मन हर्षायो,

रंग रंगीलो फागुण आयो,

ब्रज वासी को मन हर्षायो,

नाचे दे दे ताल,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

नन्द गाँव से ग्वाला आये,

सुन्दर ढाल संग में लाये,

नन्द गाँव से ग्वाला आये

सुन्दर ढाल संग में लाये,

उड़त अबीर गुलाल,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

इत है नन्द गाँव के रसिया,

उत है बरसाने की सखियाँ,

इत है नन्द गाँव के रसिया,

उत है बरसाने की सखियाँ,

कर सोलह श्रृंगार,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

गली रंगीली शोभा न्यारी,

ग्वालन पड़ रही लठियाँ भारी,

गली रंगीली शोभा न्यारी,

ग्वालन पड़ रही लठियाँ भारी,

हो रही जय जयकार,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

या बृज की होली को देखन,

चढ़ आये सुर देव विमानन,

या बृज की होली को देखन,

चढ़ आये सुर देव विमानन,

करे फूलन की बौछार,

धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

बरसाने में आज धूम मची होली की,

धूम मची होली की, धूम मची होली की,

बरसानें में आज धूम मची होली की।।

फागण आया धूम मचाओ के होली संग श्याम के मनाओ

फागण आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

श्याम के मनाओ संग श्याम के मनाओ,

संग संग सबको नचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

झांझ नगाड़ा बाजे देखो,

सब मिल करे धमाल,

रंग अबीर गुलाल उड़ावे,

श्याम प्रभु के लाल,

सब मिल रंग लगाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

फागन आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

श्याम प्रभु की महिमा ऐसी,

आए भीड़ अपार,

कोई जय श्री श्याम,

कोई बोले लखदातार

खाटू आके श्याम गुण गाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

फागन आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

एक बार जो खाटू आए,

बार बार फिर आता है,

कृपा श्याम की ऐसी होती,

कभी नहीं दुख पाता है

‘विष्णु’ को भी फागण में बुलाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

फागन आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

फागण आया धूम मचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ,

श्याम के मनाओ संग श्याम के मनाओ,

संग संग सबको नचाओ,

के होली संग श्याम के मनाओ।।

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