Top 10 Holi bhajan Lyrics

Bhajan Bhakti Songs Details

top 10 Holi bhajan Lyrics in hindi | holi holi kannada song lyrics
होली के भजन लिखित में holi lyrics

फागणियो आयो रे मंदिर में बड़ग्यो सांवरो भजन लिरिक्स

फागणियो आयो रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो।

दोहा – रंग गुलाल मैं लेकर आया,
खाटू के दरबार,
इब के फागुण रंगस्या बाबा,
घणो करांगा प्यार,
काई होवे है देखेगो,
यो सारो संसार,
जब बाबा और प्रेमी रे बिच में,
होवेगी तकरार।

फागणियो आयो रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो,
अपना ही प्रेमी से,
देखो आज डरग्यो सांवरो,
फागणियो आयों रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो।।

गली गली में घूम रहा हाँ,
हाथां ले पिचकारी,
हिम्मत है तो मंदिर बाहर,
आजा रे गिरधारी,
कोई पिछाने नाही ऐसी,
सूरत करदा थारी,
कहाँ बचेगो सांवरिया,
भक्ता री भीड़ है भारी,
भक्ता री भीड़ है भारी,
घणो घबरायो रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो,
फागणियो आयों रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो।।

होली ऐसी खेलांगा,
देखेगी दुनिया सारी,
हाथ जोड़ ले कान पकड़ ले,
ना छोड़ा गिरधारी,
छूटे नाही जनम जनम तक,
ऐसो रंग लगावा,
राजी राजी बाहर आजा,
ज्यादा नहीं सतावा,
तने ज्यादा नहीं सतावा,
घणो समझायो रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो,
फागणियो आयों रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो।।

भक्ता सारा रगड़ रगड़ कर,
कर दियो कालो पिलो,
कोई नहीं पिछाने जी अब,
कुण है श्याम रंगीलो,
कुण मैं हूँ और कुण तू है,
अब भेद मिट्यो है सारो,
‘योगी’ की ऐसी होली खेली,
जनम सुधर ग्यो म्हारो,
और जनम सुधर ग्यो म्हारो,
म्हाने आनंद आ ग्यो रे,
खाटू में मिल गयो सांवरो।।

फागणियो आयों रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो,
अपना ही प्रेमी से,
देखो आज डरग्यो सांवरो,
फागणियो आयों रे,
मंदिर में बड़ग्यो सांवरो।।

सांवरिया ऐसा डाल गुलाल मैं रंग जाऊं तेरे रंग में लिरिक्स

सांवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
साँवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में।।

अनुपम प्रेम जगे जीवन में,
तन मन रंग जाए तेरे रंग में,
कर रंगो की बौछार,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
साँवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में।।

रंग दो वृन्दावन की गलियां,
ग्वालन गोपिन और सब सखियाँ,
रंग की मारो ऐसी धार,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
साँवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में।।

हर पल तेरा रूप निहारूं,
सोवत जागत तोहे पुकारूँ,
कर दो बेडा मेरा पार,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
साँवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में।।

सांवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में,
साँवरिया ऐसा डाल गुलाल,
मैं रंग जाऊं तेरे रंग में।।

राधा के सागे होली खेले रे सांवरिया भजन लिरिक्स

राधा के सागे,
होली खेले रे सांवरिया,
रंग उड़ावै लाल केसरिया,
होली खेले रे सांवरिया,
राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया।।

सोने की पिचकारी लेकर,
आयो नन्द लाल है,
राधा ल्याई चांदी की,
कटोरी में गुलाल है,
राधा के सागे नटवर नागरिया,
राधा के सागे नटवर नागरिया,
होली खेले रे सांवरिया,
राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया।।

वृन्दावन वालो,
बरसाने आयो चाल के,
ग्वाल बाल सगळा आया,
सागे नन्द लाल के,
राधा रानी की आई सारी सखिया,
राधा रानी की आई सारी सखिया,
होली खेले रे सांवरिया,
राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया।।

श्याम के लगावे,
राधा हाथां से गुलाल है,
भर भर पिचकारी,
मारे नन्द लाल है,
भीगी सारी राधा की चुनरिया,
भीगी सारी राधा की चुनरिया,
होली खेले रे सांवरिया,
राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया।।

बरसाने में तो ‘सोनू’,
मची हुड़दंग है,
अबीर गुलाल उड़े,
बाज रया चंग है,
लोग लुगाई नाचे ताता थैया,
लोग लुगाई नाचे ताता थैया,
होली खेले रे सांवरिया,
राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया।।

राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया,
रंग उड़ावै लाल केसरिया,
होली खेले रे सांवरिया,
राधा के सागें,
होली खेले रे सांवरिया।।

होली खेल रहे नन्दलाल गोकुल की कुञ्ज गलिन में

होली खेल रहे नन्दलाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मेरे घर मारी पिचकारी,
मेरी भीगी रेशम साड़ी,
मेरे घर मारी पिचकारी,
मेरी भीगी रेशम साड़ी,
अरे मेरे मुँह पे मलो गुलाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

लिए ग्वाल बाल सब संग में,
रंग गई बसंती रंग में,
लिए ग्वाल बाल सब संग में,
रंग गई बसंती रंग में,
अरे मेरी चली ना कोई चाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मेरी रन्ग से भरी कमोरी,
कंकरिया मार के फोरी,
मेरी रन्ग से भरी कमोरी,
कंकरिया मार के फोरी,
में तो पड़ी हाल बेहाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

मोसे हँस के बोलो बेना,
तोहे सही बताऊ बहना,
मोसे हँस के बोलो बेना,
तोहे सही बताऊ बहना,
मैं कर दई हरी और लाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

होली खेल रहे नन्दलाल,
गोकुल की कुञ्ज गलिन में।।

आई फागण की ग्यारस आपा पैदल चाला रे खाटू श्याम जी भजन

आई फागण की ग्यारस,
आपा पैदल चालां ला रे,
खाटू श्याम जी,
हारे का सहारो म्हारो,
लखदातार खाटू श्याम जी,
आई फागण की ग्यारस,
आपा पैदल चालां ला रे,
खाटू श्याम जी।।

अहलवती को कंवर लाडलो,
भगता को रखवालो है,
तीन बाण धारी मारो बाबो,
लीले घोड़े वालो है,
दीन दुखिया रो बाबो,
करे बेड़ो पार,
खाटू श्याम जी,
आयी फागण की ग्यारस,
आपा पैदल चालां ला रे,
खाटू श्याम जी।।

कलयुग में हो बाबा थारो,
पर्चो हद भारी है,
तू ही म्हारो कृष्ण कन्हैयो,
बण आयो अवतारी है,
जो कोई साचे मन सु ध्यावे,
बेड़ो कर दे पार,
खाटू श्यामजी,
आयी फागण की ग्यारस,
आपा पैदल चालां ला रे,
खाटू श्याम जी।।

खाटू माहि विराजे बाबो,
सब का कष्ट मिटावे है,
भक्त मंडल चरणों में बाबा,
आकर शीश नवावे है,
‘लोचन’ की अर्जी सुन लीजो,
करजो बेड़ो पार,
खाटू श्याम जी,
आयी फागण की ग्यारस,
आपा पैदल चालां ला रे,
खाटू श्याम जी।।

रंग मत डाले रे सांवरिया म्हाने गुजर मारे रे भजन लिरिक्स

रंग मत डाले रे सांवरिया,
म्हाने गुजर मारे रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डाले रे सांवरिया,
म्हाने गुजर मारे रे।।

सास बुरी छे म्हारी नणद हठीली,
सास बुरी छे म्हारी नणद हठीली,
बर्णयो बईमान बालम पीछे झगडे रे,
रंग मत डारे रे,
रंग मत डाले रे सांवरिया,
म्हाने गुजर मारे रे।।

जुलम कर डारयो,
सितम कर डारयो,
जुलम कर डारयो,
सितम कर डारयो,
कारे ने कर दियो लाल,
जुलम कर डारयो।

कोई डाले नीलो पिलो,
कोई डाले हरो गुलाबी,
कोई डाले नीलो पिलो,
कोई डाले हरो गुलाबी,
कान्हा ने डारयो लाल,
जुलम कर डारयो,
काले ने कर दियो लाल,
जुलम कर डारयो।

होरी खेलेंगे अपने गिरधर गोपाल से,
होरी खेलेंगे अपने गिरधर गोपाल से,
तुम झोली भरलो रे भक्तो,
रंग और गुलाल से,
तुम झोली भरलो रे भक्तो,
रंग और गुलाल से,
होरी खेलेंगे अपने गिरधर गोपाल से।।

लाएंगे वो संग में अपने,
ग्वाल बाल की टोली,
मैं भी रंग अबीर मलूँगी,
और माथे पर रोली,
बच बच के रहना उनकी,
टेडी मेड़ी चाल से,
होरी खेलेंगे अपने गिरधर गोपाल से,
तुम झोली भरलो रे भक्तो,
रंग और गुलाल से।।

श्याम पिया की बजे बसुरिया,
ग्वालो के मजीरे,
और संग बजावे ललिता,
नाचे राधा धीरे धीरे,
गाएंगे फाग मिलके,
हम भी सुरताल से,
तुम झोली भरलो रे भक्तो,
रंग और गुलाल से।।

होरी खेलत नंदलाल बृज में हिंदी भजन लिरिक्स

होरी खेलत नंदलाल बृज में,
होरी खेलत नंदलाल,
ग्वाल बाल संग रास रचाए,
नटखट नन्द गोपाल।।

बाजत ढोलक झांझ मजीरा,
गावत सब मिल आज कबीरा,
नाचत दे दे ताल,
होरी खेलत नंदलाल।।

भर भर मारे रंग पिचकारी,
रंग गए बृज के नर नारी।
उड़त अबीर गुलाल,
होरी खेलत नंदलाल।।

ऐसी होरी खेली कन्हाई,
यमुना तट पर धूम मचाई।
रास रचे नंदलाल,
होरी खेलत नंदलाल।।

होरी खेलत नंदलाल बृज में,
होरी खेलत नंदलाल,
ग्वाल बाल संग रास रचाए,
नटखट नन्द गोपाल।।

होरी खेलत नंदलाल बृज में,
होरी खेलत नंदलाल,
ग्वाल बाल संग रास रचाए,
नटखट नन्द गोपाल।।

होली खेले बाबा श्याम आपा चाला खाटू धाम भजन लिरिक्स

होली खेले बाबा श्याम,
आपा चाला खाटू धाम,
होली खेले रे।।

लाल अभीर गुलाल उड़त है,
केशर ओर किस्तुरी रे,
स्वर्ग से सुन्दर लाग म्हाने,
खाटू नगरी रे,
होली खेले रे।

होली खेलें बाबा श्याम,
आपा चाला खाटू धाम
होली खेले रे।।

श्याम श्याम खाटू में गुंजे,
डपली चंग बजाव रे,
भक्ता सागे नाचे गावे,
धुम मचाव रे,
होली खेले रे।

होली खेलें बाबा श्याम,
आपा चाला खाटू धाम
होली खेले रे।।

श्यामधणी रे हाथा माही,
रंग भरी पिचकारी रे,
भक्ता उपर श्यामधणी तो,
भर-भर मारी रे,
होली खेले रे।

होली खेलें बाबा श्याम,
आपा चाला खाटू धाम
होली खेले रे।।

रंग रगीलो फागण आयो,
भक्ता क मन भायो रे,
नौरतन योगी को भी बाबा,
मन हर्षायो रे,
होली खेले रे।।

होली खेलें बाबा श्याम,
आपा चाला खाटू धाम
होली खेले रे।।

आज बृज में होली है रे रसिया होली भजन लिरिक्स

आज बृज में होली है रे रसिया,
होरी रे रसिया,
बरजोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

घर घर से ब्रज बनिता आई,
घर घर से ब्रज बनिता आई,
कोई सांवर कोई गोरी है रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन गाँव के कुंवर कन्हैया,
कौन गाँव के कुंवर कन्हैया,
कौन गावं राधा गोरी है रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

नन्द गावं के कुंवर कन्हैया,
नन्द गावं के कुंवर कन्हैया,
बरसाने की राधा गोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन वरण के कुंवर कन्हैया,
कौन वरण के कुंवर कन्हैया,
कौन वरण राधा गोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

श्याम वरण के कुंवर कन्हैया,
श्याम वरण के कुंवर कन्हैया,
गौर वरण राधा गोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

इत ते आए कुंवर कन्हैया,
इत ते आए कुंवर कन्हैया,
उत ते राधा गोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

कौन के हाथ कनक पिचकारी,
कौन के हाथ कनक पिचकारी,
कौन के हाथ कमोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
कृष्ण के हाथ कनक पिचकारी,
राधा के हाथ कमोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

उडत गुलाल लाल भए बादल,
उडत गुलाल लाल भए बादल,
मारत भर भर झोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

अबीर गुलाल के बादल छाए,
अबीर गुलाल के बादल छाए,
धूम मचाई रे सब मिल सखिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चन्द्र सखी भज बाल कृष्ण छवि,
चिर जीवे यह जोड़ी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।।

आज बृज में होली है रे रसिया,
होरी रे रसिया,
बरजोरी रे रसिया,
आज बृज में होली है रे रसिया।

होली खेल रहे नंदलाल वृंदावन कुञ्ज गलिन में भजन लिरिक्स

होली खेल रहे नंदलाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में।।

नंदगांव के छैल बिहारी,
बरसाने कि राधा प्यारी,
हिलमिल खेले गोपी ग्वाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
होली खेल रहे नन्दलाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में।।

ढप-ढोल मजीरा बाजे,
कान्हा मुख मुरली साजे,
ए री सब नाचत दे दे ताल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
होली खेल रहे नन्दलाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में।।

याने भर पिचकारी मारी,
रंग में रंग दारी सारी,
ए री मेरे मुख पर मलो गुलाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
होली खेल रहे नदलाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में।।

होली खेल रहे नंदलाल,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में,
वृंदावन कुञ्ज गलिन में।।

होली खेले सांवरिया अपने भक्तो के साथ भजन लिरिक्स

फागण आयो रंग रंगीलो,
है ग्यारस की रात,
होली खेले सांवरिया,
अपने भक्तो के साथ।।

जाती नज़र मेरी,
देखूं जहाँ है,
मस्ती का आलम,
दीखता वहां है,
उड़ा रहे सब रंग केसरिया,
उड़ा रहे सब रंग केसरिया,
ले के अपने हाथ,
होली खेले साँवरिया,
अपने भक्तो के साथ।।

धूम मची है कैसी,
कैसा नज़ारा है,
ढोलक मंजीरा बाजे,
बाजे नगाड़ा है,
सब धमाल को गाए झूमकर,
सब धमाल को गाए झूमकर,
खुशियों की बारात,
होली खेले साँवरिया,
अपने भक्तो के साथ।।

मोरछड़ी का झाड़ा,
ऐसा लगाया है,
श्याम प्रेमियों को बाबा,
अपना बनाया है,
‘मन्नू पंडित’ कहे ‘बेधड़क’,
‘मन्नू पंडित’ कहे ‘बेधड़क’,
अपने दिल की बात,
होली खेले साँवरिया,
अपने भक्तो के साथ।।

फागण आयो रंग रंगीलो,
है ग्यारस की रात,
होली खेले सांवरिया,
अपने भक्तो के साथ।।

ये फागुन रुत है सुहानी चली आ राधा रानी भजन लिरिक्स

ये फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में,
रंगों से रंगीन देखो,
सारे नजारे हैं,
देखो कितने खूबसूरत,
कितने प्यारे है,
नीले पीले लाल गुलाबी,
रंग प्यारे हैं,
तुमको जो भी प्यारे हैं,
वह रंग सारे हैं,
यह फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में।।

रंगों से रोशन हुआ है,
सारा ब्रज धाम,
बीत रहा वक्त,
कही हो ना जाए शाम,
आएगा तभी तो राधा,
मुझको आराम,
होली पर धमाल करेंगे,
छोड़ कर सारे काम,
यह फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में।।

है बेचैन यमुना तट भी,
दीदार पाने को,
ग्वाल गोपियां रस्ता देखे,
धूम मचाने को,
फूलों की बहार है,
मौसम भी बेचैन,
तेरे मेरे साथ,
यह त्यौहार मनाने को,
यह फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में।।

बार-बार यह मौसम राधा,
फिर ना आना है,
बारह महीने में फागुन,
एक बार ही आना है,
‘मंत्री’ और ‘जयंत’ ने भी,
यह माना है,
खुशियां सब को बांटने का,
यही बहाना है,
यह फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में।।

ये फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में,
रंगों से रंगीन देखो,
सारे नजारे हैं,
देखो कितने खूबसूरत,
कितने प्यारे है,
नीले पीले लाल गुलाबी,
रंग प्यारे हैं,
तुमको जो भी प्यारे हैं,
वह रंग सारे हैं,
यह फागुन रुत है सुहानी,
चली आ राधा रानी,
खेलेंगे होली हम साथ में।।

Latest Bhajans Lyrics in Hindi and English on this page

This Post Has 2 Comments

Leave a Reply