खाटू की बारस हमें आज तक याद है | खाटू का दाल चूरमा भजन लिरिक्स | Shyam Bhajan by Sardar Romi

खाटू की बारस हमें आज तक याद है भजन लिरिक्स
खाटू का दाल चूरमा भजन लिरिक्स | Khatu ka Daal Churma | Shyam Bhajan by Sardar Romi
Song: Khatu ka Daal Churma
Singer: Sardar Romi Ji
Music: Lovely Sharma
Lyricist: Sardar Romi Ji
Video: Shyam Creations | 9919805072
Category: Shyam Bhajan (Hindi Bhajan)
Label: Sardar Romi Devotions

खाटू की बारस हमें,
आज तक याद है,
अभी तक मुंह में,
दाल चूरमें का स्वाद है।।

पेटी और नगाड़े संग बजती धमाल थी,
भक्तों की होती जुगलबंदी कमाल थी,
भजनों से सुनता बाबा सबकी फरियाद है,
अभी तक मुंह में,
दाल चूरमें का स्वाद है।।

भक्तों के हाथों में जब मोर छड़ी घूमती,
दीन दुखियों के सर प्रेम से है चूमती,
कई प्रेमियो के घर झाड़े से आबाद हैं,
अभी तक मुंह में,
दाल चूरमें का स्वाद है।।

बारस की जात दे के होती जब विदाई थी,
श्याम से बिछड़ के ‘रोमी’ आती रुलाई थी,
पूरी होती देखी घर पे आते ही मुराद है,
अभी तक मुंह में,
दाल चूरमें का स्वाद है।।

खाटू की बारस हमें,
आज तक याद है,
अभी तक मुंह में,
दाल चूरमें का स्वाद है।।

Leave a Reply