खाटू वाले तेरे चर्चे बड़े ही निराले भजन लिरिक्स

खाटू वाे तेरे चर्चे बड़े ही निराले,

दोहा – एक गोकुल में श्याम बसे,
एक श्याम बसे खाटू में,
जो दिल से हो गया श्याम का,
एक श्याम बसे उसके दिल में

खाटू वाले तेरे चर्चे बड़े ही निराले,
दुखियन को, भक्तन को देते सहारे,
जिसने मन से पुकारा,
उसे भव पार उतारे,
मेरे संग मिल के तुम भी,
लगा लो अब जयकारे,
खाटु वाले खाटु वाले।।

जब जब बाबा तेरे द्वारे पे आए,
तब तब बाबा ने है दुःख भगाए,
तू ही आधार बाबा, जीवन है तेरे हवाले,
दुखियन को, भक्तन को देते सहारे,
जिसने मन से पुकारा,
उसे भव पार उतारे,
मेरे संग मिल के तुम भी,
लगा लो अब जयकारे,
खाटु वाले खाटु वाले।।

मोरछड़ी बाबा जब तू घुमाए,
सारे संकट पल में भगाए,
हारे के सहारे बाबा,
शीश के दानी कहावे,
दुखियन को, भक्तन को देते सहारे,
जिसने मन से पुकारा,
उसे भव पार उतारे,
मेरे संग मिल के तुम भी,
लगा लो अब जयकारे,
खाटु वाले खाटु वाले।।

मिलता सुकून बाबा खाटू में आके,
बजता है डंका बाबा सारे जहाँ में,
‘सुरभि’ कहे बाबा,
चरणों में हमको बिठा ले,
दुखियन को, भक्तन को देते सहारे,
जिसने मन से पुकारा,
उसे भव पार उतारे,
मेरे संग मिल के तुम भी,
लगा लो अब जयकारे,
खाटु वाले खाटु वाले।।

खाटु वाले तेरे चर्चे बड़े ही निराले,
दुखियन को, भक्तन को देते सहारे,
जिसने मन से पुकारा,
उसे भव पार उतारे,
मेरे संग मिल के तुम भी,
लगा लो अब जयकारे,
खाटु वाले खाटु वाले।।

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