घर घर में बस रहा है मेरा श्याम खाटू वाला लिरिक्स

घर घर में बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।

दोहा – नाज है हमको आज,
अपनी तकदीरो पर,
हे श्याम हमको जो तेरा,
आज दीदार हुआ,
सूना सूना पड़ा था ये दिल,
गुलजार हुआ।

घर घर में बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला,
मेरा श्याम खाटू वाला,
मेरा श्याम लीले वाला,
लीला है इसकी न्यारी,
हारे का है सहारा,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

जो हार कर है आया,
उसको दिया सहारा,
मैं भी हार गया हूँ,
मुझको भी दो सहारा,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

तेरी एक झलक को बाबा,
हम सब ही है तरसते,
उस एक झलक ने बाबा,
मेरी जिंदगी को तारा,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

मोह माया के जगत में,
उलझा हुआ हूँ बाबा,
मुझे चरणों से लगा लो,
मेरा श्याम मुरली वाला,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

खाटू में जो भी आया,
उसे रास्ता दिखाया,
तेरे खाटू की ये माटी,
गाये तेरा फसाना,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

‘विक्की’ ये दास तेरा,
हर क्षण है तुझको ध्याता,
‘तुलसी’ को दो सहारा,
तू हारे का सहारा,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला,
मेरा श्याम खाटू वाला,
मेरा श्याम लीले वाला,
लीला है इसकी न्यारी,
हारे का है सहारा,
घर घर मे बस रहा है,
मेरा श्याम खाटू वाला।।

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