आज खेलेंगे पत्तों की बाज़ी कृष्ण भजन लिरिक्स

आज खेलेंगे पत्तों की बाज़ी,
ओ मेरा कान्हा बड़ा है मिज़ाज़ी,
नटवर नागर नंदकिशोर,
नटखट छलिया माखनचोर।।

बादशाह मेरा सांवरिया,
बेगम राधा रानी है,
हम गुलाम है भक्त सभी,
करते सेवा पानी है,
जैसा भी रखना है हमको,
जैसा भी रखना है हमको,
हम तो तेरी रजा में है राजी,
ओ मेरा कान्हा बड़ा है मिज़ाज़ी,
नटवर नागर नंदकिशोर,
नटखट छलिया माखनचोर।।

दहला दशो दिशाए है,
नहला नौनिधि लाए है,
आठ प्रहर प्रभु के कीर्तन,
सात सुरों ने गाए है,
छह ऋतुओं के राजा,
छह ऋतुओं के राजा,
हम तो तेरी रजा में है राजी,
ओ मेरा कान्हा बड़ा है मिज़ाज़ी,
नटवर नागर नंदकिशोर,
नटखट छलिया माखनचोर।।

पांच तत्व की काया है,
चार वेद की माया है,
तीन लोक के स्वामी है,
सुख दुःख जिनकी छाया है,
भक्तो का एक सांवरिया,
भक्तो का एक सांवरिया,
हम तो तेरी रजा में है राजी,
ओ मेरा कान्हा बड़ा है मिज़ाज़ी,
नटवर नागर नंदकिशोर,
नटखट छलिया माखनचोर।।

आज खेलेंगे पत्तों की बाज़ी,
ओ मेरा कान्हा बड़ा है मिज़ाज़ी,
नटवर नागर नंदकिशोर,
नटखट छलिया माखनचोर।।

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