ओ पंछी जा रे मेरा कर दे काम विशेष भजन लिरिक्स

कृष्ण भजन ओ पंछी जा रे मेरा कर दे काम विेष भजन िरिक्स
स्वर – रजनीश शर्मा
तर्ज – ओ बाबुल प्यारे।

ओ पंछी जा रे,
मेरा कर दे काम विशेष,
जा कर सांवरिया के देश,
सांवरे से कह दे सन्देश, हो,
ओ पँछी जा रे।।

भवसागर की लहरे है ऊँची,
भवर ये मन को डराए,
तूफानों के बीच फसा हूँ,
दिल मेरा घबराए,
जैसे कैदी सलाखों में,
आंसू हरपल आँखों में,
बदला है वक्त ने आज भेष, हो,
ओ पँछी जा रे।।

देख बदलती किस्मत मेरी,
लोगों के ढंग बदले,
मुझपे मर मिटने वालों ने,
गिरगिट से रंग बदले,
मन मेरा धरता नहीं धीर,
सर पे लटक रही शमशीर,
रस्ता ना बचा कोई शेष, हो,
ओ पँछी जा रे।।

तेरा प्रेमी तेरे रहते,
आँखों क्यों नम करता,
तरस नही क्यों आए तुझको,
मैं घुट घुट के मरता,
कोई आज नहीं है साथ,
आकर पकड़ लो मेरा हाथ,
लाज रख लो हे खाटू नरेश, हो,
ओ पँछी जा रे।।

ओ पंछी जा रे,
मेरा कर दे काम विशेष,
जा कर सांवरिया के देश,
सांवरे से कह दे सन्देश, हो,
ओ पँछी जा रे।।

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