कान्हा तेरी जोहत रह गयी बाट भजन लिरिक्स

कान्हा तेरी जोहत रह गयी बाट,
जोहत रह गई बाट।।

जोहत जोहत इक पग ठाड़ी,
जोहत जोहत इक पग ठाड़ी,
कालिंदी के घाट,
कान्हा तोरी जोहत रह गयी बाट,
जोहत रह गई बाट।।

झूठी प्रीत करी मनमोहन,
झूठी प्रीत करी मनमोहन,
या कपटी की बात,
कान्हा तोरी जोहत रह गयी बाट,
जोहत रह गई बाट।।

मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
मीरा के प्रभु गिरधर नागर,
दे गयो ब्रज को चात,
कान्हा तोरी जोहत रह गयी बाट,
जोहत रह गई बाट।।

कान्हा तेरी जोहत रह गयी बाट,
जोहत रह गई बाट।।

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