काहे मुझे तू सताए रे श्याम अपना बनाए के

काहे मुझे तू सताए रे,
श्याम अपना बनाए के,
अपना बनाए के श्याम,
अपना बनाए के,
काहे मुझे तु सताए रे,
श्याम अपना बनाए के

मैं तो श्याम ये सबसे कहूं,
दर पे आया था,
अपना समझ के,
तोड़ दिया तुने दि को मेरे,
अपना बनाए के,
काहे मुझे तु सताए रे,
श्याम अपना बनाए के।।

विनती करूं मैं,
तुमसे सांवरिया,
तुमसे सांवरिया,
तुमसे सांवरिया,
मुझको ना तू रुलाए रे,
श्याम अपना बनाए के,
काहे मुझे तु सताए रे,
श्याम अपना बनाए के।।

लेवे ना खबरिया,
मेरी तू सांवरिया,
“जालान” से नैन चुराए रे,
श्याम अपना बनाए के,
काहे मुझे तु सताए रे,
श्याम अपना बनाए के।।

काहे मुझे तू सताए रे,
श्याम अपना बनाए के,
अपना बनाए के,
अपना बनाए के श्याम,
अपना बनाए के,
काहे मुझे तु सताए रे,
श्याम अपना बनाए के।।

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