खाटू में मेरा सेठ सांवरा रहता है भजन लिरिक्स

खाटू में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है,
पल भर में बनते है सारे बिगड़े काम,
पल भर में बनते है सारे बिगड़े काम,
किरपा ऐसी बरसे है बाबा के धाम,
खाटु में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है।।

कोंख में जिस मात के तुमने जनम पाया,
धन्य उसको कर दिया जग ने सुयश गाया,
अहिलवती के लाल तेरी महिमा है न्यारी,
तेरे दर पे आते है अब लाखो नर नारी,
दुखड़े सबके दूर ये पल में करता है,
दुखड़े सबके दूर ये पल में करता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है,
खाटु में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है।।

श्याम प्रभु से बांध ले जन्मो का तू बंधन,
छोड़ दे चिंता सभी ये भर देगा दामन,
कोई हो धनवान या फिर कोई हो निर्धन,
सब की मुरादे पूरी होती बाबा के आँगन,
परछाई सा श्याम सदा संग रहता है,
परछाई सा श्याम सदा संग रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है,
खाटु में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है।।

दुनिया के झूठे रिश्तो ने बहुत सताया है,
किस्मत थी मेरी जो सांवरा तुमको पाया है,
श्याम शरण में रखले मुझको बस इतना करदे,
तेरा दर्शन तेरा वंदन झोली में भर दे,
‘राजू’ मुश्किल श्याम से रिश्ता बनता है,
‘राजू’ मुश्किल श्याम से रिश्ता बनता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है,
खाटु में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है।।

खाटू में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है,
पल भर में बनते है सारे बिगड़े काम,
पल भर में बनते है सारे बिगड़े काम,
किरपा ऐसी बरसे है बाबा के धाम,
खाटु में मेरा सेठ सांवरा रहता है,
सेठ के दर पे रोज खजाना बंटता है।।

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