दर्दो के सहते सहते मोहन तुम्हे है पाया भजन लिरिक्स

दर्दो के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया,
जब जब दुखों ने घेरा,
तेरा नाम गुनगुनाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

जग से जो मैंने माँगा,
मिलता नहीं सहारा,
झूठे हैं सारे नाते,
कोई नहीं हमारा,
तेरे दर पे जबसे आया,
दिल ने सुकून पाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

माना की मैं पतित हूँ,
लाखों गुनाह किये हैं,
अनजाने में ओ बाबा,
क्या क्या करम किये हैं,
सब भूल कर ओ बाबा,
तुमने गले लगाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

जीवन दिया तुम्ही ने,
तुमने इसे संवारा,
अपने भगत को बाबा,
तुमने दिया सहारा,
मैं तो चला था थोड़ा,
तुमने कदम बढ़ाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

अब आरज़ू यही है,
मुझको ना तुम भुलाना,
जितना भी हो ये जीवन,
तुम साथ चलते जाना,
‘भानु’ पे है ये एहसान,
प्रेमी हमें बनाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

जग से जो मैंने माँगा,
मिलता नहीं सहारा,
झूठे हैं सारे नाते,
कोई नहीं हमारा,
तेरे दर पे जबसे आया,
दिल ने सुकून पाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

माना की मैं पतित हूँ,
लाखों गुनाह किये हैं,
अनजाने में ओ बाबा,
क्या क्या करम किये हैं,
सब भूल कर ओ बाबा,
तुमने गले लगाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

जीवन दिया तुम्ही ने,
तुमने इसे संवारा,
अपने भगत को बाबा,
तुमने दिया सहारा,
मैं तो चला था थोड़ा,
तुमने कदम बढ़ाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

दर्दो के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया,
जब जब दुखों ने घेरा,
तेरा नाम गुनगुनाया,
दर्दों के सहते सहते,
मोहन तुम्हे है पाया।।

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