पदपंकज पे जाऊं बलिहारी राधिके दुलारी भजन लिरिक्स

पदपंकज पे जाऊं बलिहारी,
राधिके दुलारी,
पदपंकज पे।।

सुनते है राधे,
तुम्हरी कृपा बिन,
मुक्ति ना मुमकिन,
तुम ही बता दो,
ओ प्राण प्यारी,
कैसे हो मुमकिन,
मुक्ति का दाता भी,
तुम्हरा पुजारी,
राधिके दुलारी,
पदपंकज पे।।

बसता है त्रिभुवन,
चरणो में तेरे,
हम मानते है,
त्रिभुवन के स्वामी की,
तुम स्वामिनी हो,
ये जानते है,
चरणों की रज के,
हम है भिखारी,
राधिके दुलारी,
पदपंकज पे।।

प्रेम का मतलब,
त्याग है राधे,
तुमने बताया,
निश्छल ह्रदय से,
मनमोहना को,
तुमने है पाया,
‘सूरज’ पे कर दो,
किरपा तुम्हारी,
राधिके दुलारी,
पदपंकज पे।।

पदपंकज पे जाऊं बलिहारी,
राधिके दुलारी,
पदपंकज पे।।

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