प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा भजन लिरिक्स

प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा,
अगर तेरा प्रेमी दुखड़े सहेगा,
प्रभु सोचलों जग तुम्हे क्या कहेगा।।

चर्चे तुम्हारी दातारी के ऐसे,
सदा मौज में हैं प्रभु मेरे जैसे,
मुझको मिला गर उन्हें ना मिलेगा,
प्रभु सोचलों जग तुम्हे क्या कहेगा।।

देते हो सबको बाबा जो भी आये दर पर,
है ऐसा भरोसा सदा श्याम तुम पर,
दानी सदा ही दानी रहेगा,
प्रभु सोचलों जग तुम्हे क्या कहेगा।।

सदा हमने सबको ये ही बताया,
तुमने किसी को ना खाली लौटाया,
भक्तों का दाता गर भरोसा डिगेगा,
प्रभु सोचलों जग तुम्हे क्या कहेगा।।

‘संजय’ पे बरसी जैसे कृपा सब पे बरसे,
कोई ना तेरी कृपा को है तरसे,
‘रोमी’ की अर्ज़ी जो तू ना सुनेगा,
प्रभु सोचलों जग तुम्हे क्या कहेगा।।

प्रभु सोच लो जग तुम्हे क्या कहेगा,
अगर तेरा प्रेमी दुखड़े सहेगा,
प्रभु सोचलों जग तुम्हे क्या कहेगा।।

Leave a Reply