म्हाने जग की के दरकार साथी है म्हारो सांवरो धणी लिरिक्स

कृष्ण भजन म्हाने जग की के दरकार साथी है म्हारो सांवरो धणी लिरिक्स
स्वर – अमित कालरा ‘मीतू’।

म्हाने जग की के दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी,
सांवरो धणी जी म्हारो सांवरो धणी,
म्हानै जग की कै दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी।।

जद जद म्हापे आफत आवे,
बाबो लाज बचावे,
आंख्या का आंसुड़ा पूछे,
हिवड़े म्हाने लगावे,
म्हापे खूब लुटावे प्यार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी,
म्हानै जग की कै दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी।।

खूंटी ताण सोवा म्हे तो,
बाबो म्हारे सागे,
श्याम के पीछे चाला म्हे,
यो चाले आगे आगे,
म्हारे सपना करे साकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी,
म्हानै जग की कै दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी।।

ऐसो साथी मिल गयो म्हारे,
म्हे हां किस्मत वाला,
दुनिया दारी भूल के ‘मोहित’,
हो गया हाँ मतवाला,
म्हारो जनम दियो है सुधार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी,
म्हानै जग की कै दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी।।

म्हाने जग की के दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी,
सांवरो धणी जी म्हारो सांवरो धणी,
म्हानै जग की कै दरकार,
साथी है म्हारो सांवरो धणी।।

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