श्याम अगर तू मेरा मीत है भजन लिरिक्स

श्याम अगर तू मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा,
सच्ची तेरी मेरी प्रीत है,
संकट मेरा मिटाना पड़ेगा,
श्याम गर तु मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा।।

दर्द इतना के सह ना सकूँ,
शब्दों में भी मैं कह ना सकूँ,
बात तेरे, मेरे बीच हो,
आँखों से ही बताना पड़ेगा,
श्याम गर तु मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा।।

आगे दुनिया के आंसू ना लाऊँ,
मन की तुझको ही अपनी सुनाऊँ,
कैसे बनते, हारे का सहारा,
ये हमें भी दिखाना पड़ेगा,
श्याम गर तु मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा।।

मुझको आस नहीं अब किसी से,
‘रीतू’ को है भरोसा तुम्ही से,
मोह मोया से छुड़ा लो प्रभु,
किया वादा निभाना पड़ेगा,
श्याम गर तु मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा।।

श्याम अगर तू मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा,
सच्ची तेरी मेरी प्रीत है,
संकट मेरा मिटाना पड़ेगा,
श्याम गर तु मेरा मीत है,
रिश्ता अब तो निभाना पड़ेगा।।

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