हे श्याम मेरी नैया उस पार लगा देना भजन लिरिक्स

हे श्याम मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।

हम दीन दुखी निर्बल,
नित नाम जपे प्रतिपल,
यह सोच दरश दोगे,
प्रभु आज नही तो कल,
जो बाग़ लगाया है,
फूलों से सजा देना,
हें श्याम मेरी नईया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।

तुम शांति सुधाकर हो,
तुम ज्ञान दिवाकर हो,
मन हँस चुगे मोती,
तुम मान सरोवर हो,
दो बूंद सुधारस की,
हमको भी पिला देना,
हें श्याम मेरी नईया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।

रोकोगे भला कबतक,
दर्शन को मुझे तुमसे,
चरणों से लिपट जाऊं,
वृक्षों से लता जैसे,
अब द्वार खड़ी तेरे,
मुझे राह दिखा देना,
हें श्याम मेरी नईया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।

मजधार पड़ी नैया,
डगमग डोले भव में,
आओ हे खाटू नरेश,
हम ध्यान धरे मन में,
अब भक्त करे विनती,
मुझे अपना बना लेना,
हें श्याम मेरी नईया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।

हे श्याम मेरी नैया,
उस पार लगा देना,
अब तक तो निभाया है,
आगे भी निभा देना।।

Leave a Reply