Krishna Bhajan नॉनस्टॉप कृष्ण मधुर भजन

Thali Bhar Ke Layi Re Khichdo Upar Ghi Ki Baatki Krishna Bhajan, Mohan ji, shyam ji ke bhajan Lyrics
कृष्ण भगवान का Beautiful Krishna Bhajan नॉनस्टॉप कृष्ण मधुर भजन | Beautiful Krishna Bhajan | Krishna Songs Krishna Bhajan भजन Thali Bhar Ke Layi Re Khichdo Upar Ghi Ki Baatki Krishna Bhajan, Mohan ji, shyam ji ke bhajan Lyrics सरिता ओझा जी का गाया हुआ है इस भजन में बताया गया है की भक्तो को श्याम की सभी बाते कितनी प्यारी गती है।

Thali Bhar Ke Layi Re Khichdo Upar Ghi Ki Baatki Krishna Bhajan, Mohan ji, shyam ji ke bhajan Lyrics

थाली भरकर लायी रे खीचड़ो,,, उपर घी की बाटकी,,,
जीमो म्हारा श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाट की।।

बापू म्हारो गांव गवेलो,,, ना जाणे कद आवैलो,,,
ऊका भरोसे बैठयो रहयो तो,,, भूखो ही रह जावैलो,,,
आज जिमाऊं तैने रे खीचड़ो,,, काल राबड़ी छाछ की,,,
जीमो म्हारा श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाट की।।

बार बार मंदिर ने जुड़ती,,, बार बार में खोलती,,,
कर्इया कोनी जीमे रे मोहन,,, करडी करड़ी बोलती,,,
तू जीमे तो जद मैं जिमूं,,, मानू ना कोर्इ लाट की,,,
जीमो म्हारो श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाटी की,,,
जीमो म्हारा श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाट की।।

परदो भूल गर्इ सांवरियो,,, परदो फेर लगायो जी,,,
धावलियो परदो की ओट बैठ के,,, श्याम खीचड़ौ खायो जी,,,
भोला भाला भगता सू,,, सांवरिया कइया आंट की।
जीमो म्हारा श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाट की।।

भक्ति हो तो करमा जैसी,,, सावरियों घर आवेलो,,,
सोहन लाल लोहकार,,, हरष हरष गुण गावेलो,,,
चो प्रेम प्रभु से हो तो,,, मूरत बोले काठ की,,,
जीमो म्हारा श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाट की।।

थाली भरकर लायी रे खीचड़ो,,, उपर घी की बाटकी,,,
जीमो म्हारा श्याम धणी,,, जिमावै बेटी जाट की।।

 

 

Main Meera Deewani Hu Deewani Main Shyam Ki

कृष्ण भगवान का Beautiful Krishna Bhajan नॉनस्टॉप कृष्ण मधुर भजन | Beautiful Krishna Bhajan | Krishna Songs Krishna Bhajan भजन मैं दर आ गया हूँ मेरी सुध लेना – Main Meera Deewani Hu Deewani Main Shyam Ki Krishna Bhajan, Mohan ji, shyam ji ke bhajan Lyrics अंकित त्रिवेदी जी का गाया हुआ है। इस भजन में बताया गया है की भक्तो को श्याम की सभी बाते कितनी प्यारी लगती है।

Main Meera Deewani Hu Deewani Main Shyam Ki

जब से चाहा तुझको मोहन रही न मन में कोई कमाना
क्या करती मैं जग के साधन मन में जब बस गई साधना
नषर है जब सारी दुनिया तो दुनिया किस काम की
मैं मीरा दीवानी हु दीवानी मैं श्याम की

आखर आखर जोड़ जोड़ कर गीत गीत में श्याम लिखा
भक्ति भाव में मन यु डूबा तन को अक्षर धाम लिखा
राज मेहल में जब जब भेजे पीने को विष के प्याले
मैंने हर प्याले के उपर मोहन तेरा नाम लिखा
गाते गाते गीत मिलन के सुध विसरी आराम की
मैं मीरा दीवानी हु दीवानी मैं श्याम की

जग के सब सवार्थ के अंधे मन की पीड़ा जाने कौन
असुवन सींची प्रेम वेळ के पुष्पों को पेहचाने
मन का सब सुख चैन जल गया सांसो के दावान में
मन बेरागी जले रात भर बाट कहू तो माने कौन
लोभ मोह मद दमद जले सब जल गई दरुशना काम की
मैं मीरा दीवानी हु दीवानी मैं श्याम की।

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