अजमल सुत अरदास साम्भलो देवु रावले हेलो

राजस्थानी भजन अजमल सुत अरदास साम्भलो देवु रावले हेलो
गायक – शंकर जी टाक।

अजमल सुत अरदास साम्भलो,
देवु रावले हेलो ए हा,
अरे अजमल सुत अरदास साम्भलों,
देवु रावले हेलो ए हा,
अरे मै हू आपरो चेलो,
बापजी मै हू आपरो चेलो,
ध्वजाबंध अरे देवु रावले हेलो ए हा।।

मै तो पुत कपूत आपरो,
अमे नही किसी को चेलो ए हा,
अरे मै तो पूत कपूत आपरो,
नहीं किसी को चेलो ए हा,
अरे मोटी छाया आपरी राखो,
अरे मोटी छाया आपरी राखो,
अरे आपरे शरने लेलो पीरजी,
मै हू आपरो चेलो ध्वजाबंध,
मै हू आपरो चेलो ए हा।।

मै अपराधी जन्म जन्म रो,
कुण पाप रो पेलो ए हा,
अरे मै अपराधी जन्म जन्म रो,
कुण पाप रो पेलो ए हा,
अरे आयो हू दरबार आपरे,
अरे आयो हू दरबार आपरे,
अरे बारे कोई धकेलो बापजी,
मै हू आपरो चेलो ध्वजाबंध,
मै हू आपरो चेलो ए हा।।

अरे बाई रूपा रो बाग लगायो,
सुनीयो सेठ रो हेलो ए हा,
ए चौपड रमता भुजा पसारी,
अरे चौपड रमता भुजा पसारी,
ए दियो जहाज़ रो जेलो,
मै हू आपरो चेलो ध्वजाबंध,
मै हू आपरो चेलो ए हा।।

हाकम हुकम आप धणी मानो,
कलम हाथ में लेलो ए हा,
अरे बाबूलाल अजमल सुत अरजी,
एक बार शरने लेलो बापजी,
मै हू आपरो चेलो ध्वजाबंध,
मै हू आपरो चेलो ए हा।।

अजमल सुत अरदास साम्भलो,
देवु रावले हेलो ए हा,
अरे अजमल सुत अरदास साम्भलों,
देवु रावले हेलो ए हा,
अरे मै हू आपरो चेलो,
बापजी मै हू आपरो चेलो,
ध्वजाबंध अरे देवु रावले हेलो ए हा।।

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