अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया भजन लिरिक्स

अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया,
आवो पधारो म्हारे आंगणिया,
ओ म्हारे आंगणिया,
अजमाल जी रा कंवरा,
अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया।।

दिन बीत्या राता बीती,
बाबा थाने टेरता,
बरसो रा बरस बीता,
माला थारी फेरता,
हाथा री दूखन लागी आंगालियाँ,
हाथा री दूखन लागी आंगालियाँ,
अजमाल जी रा कंवरा,
अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया।।

आस विश्वास लिए,
थारी बाट जोऊँ रे,
रामापीर आसी आसी,
करता दिन खोऊँ रे,
रात्या बिताऊं करके जागणिया,
रात्या बिताऊं करके जागणिया,
अजमाल जी रा कंवरा,
अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया।।

रुणिचे रा राजा थने,
घणी घणी खम्मा हो,
दो करोड़ थे म्हाने दीजो,
बाकी राखो जम्मा हो,
थे हो देवनिया म्हे हा लेवणिया,
थे हो देवनिया म्हे हा लेवणिया,
अजमाल जी रा कंवरा,
अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया।।

भगता री पुकार सुण,
रामापीर आयो हैं,
दास थारा दर्शन करके,
अति सुख पायो है
म्हारी माला का बाबा थे हो मणिया,
म्हारी माला का बाबा थे हो मणिया,
अजमाल जी रा कंवरा,
अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया।।

अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया,
आवो पधारो म्हारे आंगणिया,
ओ म्हारे आंगणिया,
अजमाल जी रा कंवरा,
अर्जी थे म्हारी सुणलो रुनिचे रा धणिया।।

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