आजा म्हारा कुलरा देवा आज रामाजी गुडा मे प्रगटीया

राजस्थानी भजन आजा म्हारा कुलरा देवा आज रामाजी गुडा मे प्रगटीया
गायक – संत कन्हैयालाल जी।

आजा म्हारा कुलरा देवा आज,
रामाजी गुडा मे प्रगटीया,
ए भगत घनेरा आवे थारे द्वार,
देवरा मे निवन करे,
आजा मारा कुलरा देवा आज,
रामाजी गुडा मे प्रगटीया,
ए भगत घनेरा आवे थारे द्वार,
देवरा मे निवन करे।।

अरे बांज्या तो आवे थारे द्वार,
बांज्या ने पुत्र दिया,
अरे बांज्या आवे थारे द्वार,
बांज्या ने पुत्र दिया,
मारा साचा हो पुरबजी मोटा देव,
देवरा मे प्रगटीया।।

आपरी गादी लागे बीज आठम आज,
भक्त घणा चरने आया,
आपरी गादी लागे बारस तेरस आज,
भगत घणा चरने आया,
थेतो साचा हो पुरबजी कुलरा देव,
तेजाजी मोटा देव,
रामाजी गुडा मे प्रगटीया।।

ए आपरी बालकीया री जाता लागे आज,
डोराबंध निवन किया,
ए आपरी बालकीया री जाता लागे,
आज डोराबंध निवन किया,
थेतो साचा हो पुरबजी कुलरा देव,
तेजाजी मोटा देव,
रामाजी गुडा मे प्रगटीया।।

ए आपरा भोपोजी है दलारामजी आप,
भगतो थे दर्श दिया,
ए आपरा भोपोजी है दलारामजी आप,
भगतो ने दर्श दिया,
अरे महिमा गावु थोरा चरना माय,
देवराज साउण्ड माय,
अरे दास कन्हैयो अरज करे,
अरे महिमा गावु थोरा चरना माय,
अरे देवराज साउण्ड माय,
अरे दास कन्हैयो अरज करे,
थेतो साचा हो पुरबजी कुलरा देव,
आज रामाजी गुडा मे प्रगटीया।।

आजा म्हारा कुलरा देवा आज,
रामाजी गुडा मे प्रगटीया,
ए भगत घनेरा आवे थारे द्वार,
देवरा मे निवन करे,
आजा मारा कुलरा देवा आज,
रामाजी गुडा मे प्रगटीया,
ए भगत घनेरा आवे थारे द्वार,
देवरा मे निवन करे।।

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