आवो पुरबजी पावणा जियो राज पुरबजी घणी करा मनवार

राजस्थानी भजन आवो पुरबजी पावणा जियो राज पुरबजी घणी करा मनवार
गायक – संत कन्हैयालाल जी & शंकर जी टाक

आवो पुरबजी पावणा,
जियो राज पुरबजी,
घणी करा मनवार,
अरे आवो पुरबजी पावणा,
जियो राज पुरबजी,
घणी करा मनवार,
अरे वेगा रे वेगा आवजो,
जियो राज पुरबजी,
भरी सभा रे माय,
अरे रमता रमता आवजो,
जियो राज पुरबजी,
भरी सभा रे माय।।

ए मेवा मिठाई चूरमा,
जियो राज पुरबजी,
लायो थारे द्वार,
अरे मेवा मिठाई चूरमा,
जियो राज पुरबजी,
लायो थारे द्वार,
अरे भोग लगावन आवजो,
जियो राज पुरबजी,
थोरोडे दरबार,
अरे भोग लगावन आवजो,
जियो राज पुरबजी,
थोरोडे दरबार,
अरे आवों पुरबजी पावणा,
जियो राज पुरबजी,
घणी करा मनवार।।

अरे फुलडो वाला सेवरा,
जियो राज पुरबजी,
लायो थारे काज,
अरे फुलडो वाला सेवरा,
जियो राज पुरबजी,
लायो थारे काज,
अरे आवों पुरबजी पावणा,
जियो राज पुरबजी,
घणी करा मनवार।।

ए हाथ में सोना रो चुटीयो,
पुरबजी रमता आवे ओ,
अरे हाथ में सोना रो चुटीयो,
पुरबजी रमता आवे ओ,
वारी वारी मारा कुलरा देवता,
थोने मनावन आया ओ,
अरे वारी वारी मारा कुलरा देवता,
थोने मनावन आया ओ,
अरे आज रा भजनो मारा,
पुरबजी रमता आवे ओ,
अरे भगत मनावे मारा,
वेगा वेगा आवो ओ हा।।

अरे पुरबजी रा सेवकीया,
फुलडो रा हार चढावे रे,
अरे पुरबजी रा सेवकी,
फुलडो रा हार चढावे रे,
अरे वारी वारी मारा कुलरा देवता,
थोने मनावन आया ओ,
अरे आज रा भजनो मारा,
पुरबजी रमता आवे ओ,
अरे भगत मनावे मारा,
वेगा वेगा आवो ओ हा।।

ढोलो रे ढमाके मारा ए,
पुरबजी रमीया आवे ओ,
अरे ढोलो रे ढमाके मारा,
पुरबजी रमता आवे ओ,
अरे वारी वारी मारा पुरब देवा,
थोने मनावन आया ओ,
अरे घणी खम्मा मारा कुलरा देवता,
थोने मनावन आया ओ,
अरे आज रा भजनो मे मारा,
पुरबजी रमता आवे ओ।।

ए पुरबजी थोने वेगोडा बुलाया,
थे मोडा किनविद आया ए,
पुरबजी थोने वेगोडा बुलाया,
थे मोडा किनविद आया ओ,
पुरबजी आज रे जागरण मे,
घोडे चढेने आया ओ,
पुरबजी आज री मे थे,
भगतो ने दर्शन दिजो।।

पुरबजी टाबर शरने आवे,
चरनो मे शिश निवावे,
पुरबजी टाबर शरने आवे,
चरनो मे शिश निवावे,
देवता आज रा जमला मे थेतो,
वेगा वेगा आवो ए,
पुरबजी थोरा टाबरीया बुलावे,
भजनो मे वेगा आवो।।

ए पुरबजी मारा सगला,
कारज सारो ए,
भगतो ने तो दर्शन देवो ए,
पुरबजी मारा सगला कारज सारो ए,
भगतो ने तो दर्शन देवो ए,
कुलरा देवा मारा,
कारज सारो भगतो ने,
दर्शन देवो ए,
पुरबजी री महीमा,
शंकर कन्हैयो गावे,
मारो बेडो पार लगावो,
पुरबजी री महीमा,
शंकर कन्हैयो गावे,
मारो बेडो पार लगावो।।

ए कुलरा देवा मारा,
पुरबजी पधारो ए,
भगत मनावन आया ओ राज,
कुल रा देवा पुरब पधारो ए,
अरे नर नारी बालकीया आवे,
ए शरना मे शिश निवावे ओ राज,
वारी वारी ओ मारा पुरब देवा,
अरे वारी वारी ओ मारा पुरब देवा,
जमला मे वेगा आवोजी।।

थोरा टाबरीया अरज सुनावे ए,
थोरा देवल माय ओ राज,
अरे थोरा टाबरीया अरज सुनावे,
थोरा देवल माय ओ राज,
अरे सांझ सवेरे करे आरती,
अरे थोरे शरने माई ओ राज,
अरे थोरे शरने माई ओ राज,
अरे वारी वारी मारा पुरब देवा,
अरे वारी वारी मारा पुरब देवा,
जमला मे जोत समाई ओ राज।।

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