कदी आवो नी रसीला मारे देश जोवां थारी बाट घणी लिरिक्स

कदी आवो नी रसीला मारे देश,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
काईने भूल्या सा जइने परदेश,
हाँ आवो म्हारो ऊणी संदेश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।

गांजो पीवे गजरपति,
भांग पीवे भोपाल,
गांजो पीवे गजरपति,
भांग पीवे भोपाल,
अमल अरोग्य छत्रपति,
अमल अरोग्य छत्रपति,
दारूडु पीवे दातार,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।

नैन ने बंद राखिने मैं ज्यारे,
तमने जोया छे,
नैन ने बंद राखिने मैं ज्यारे,
तमने जोया छे,
तमे छो ऐना करता परवदा रे,
तमने जोया छे,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।

आवण जावण कह गयो,
कर गयो कोल अनेक,
गिणता गिणता घीस गयी,
म्हारा आंगलिया री रेख,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।

कदी आवो नी रसीला मारे देश,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी,
काईने भूल्या सा जइने परदेश,
हाँ आवो म्हारो ऊणी संदेश,
जोवां थारी बाट घणी,
कदी आओ नी रसीला मारे देश,
जोवां थारी बाट घणी।।

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