खम्मा खम्मा ओ धनिया रुणिचे रा धनिया भजन लिरिक्स

राजस्थानी भजन खम्मा खम्मा ओ धनिया रुणिचे रा धनिया भजन लिरिक्स
Singer: Satish Dehra

खम्मा खम्मा ओ धनिया,
रुणिचे रा धनिया,
थाने तो ध्यावे आखो मारवाड़ हो,
आखो गुजरात हो,
अजमालजी रा कंवरा,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

रामा कहू के रामदेव,
हीरा कहू के लाल,
ज्याने मिल गया रामदेव,
पल में करिया न्याल,
आंधलिया ने आँख बाबो,
पांगलिया ने पाँव जी,
कोडिया रा कोड मिटाया जी,
कोडिया रा कोड मिटाया जी,
अजमालजी रा धनिया,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

रामदेवजी रे परचा रो,
कोई आर नही पार,
समत्कार ने नमस्कार,
और महिमा अपरंपार,
पहला पहला परचो माता,
मैणादे ने दीनो जी,
उपन्थो दूध बचायो जी,
उपन्थो दूध बचायो जी,
अजमालजी रा कंवरा,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

ओ हिंध्वाना पीर थारी,
लीला है साकार
ढोरारा धरती राज करो थे,
रामा राज कंवर,
दूजो दूजो परचो भैरु,
राक्षसडे ने दिनों जी,
धरती रो पाप मिटायो जी,
धरती रो पाप मिटायो जी,
अजमालजी रा कंवरा
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

लिलो घोड़ो नवलखो,
और मोतिया जड़ी रे लगाम,
विन पर चढ़िया बाबा रामदेवजी,
कोटि कोटि प्रणाम,
तीजो तीजो परचो रूपा,
दर्जिडे ने दीजो जी,
कपडे को घोडलियो उड़ायो जी,
कपडे को घोडलियो उड़ायो जी,
अजमालजी कंवरा,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

पर्चे पर परचा दिया,
रामदेव करतार,
सत सत निवन करो म्हारा बाबा ने,
सिमिरो बारम्बार,
चौथो चौथो परचो लखि,
बंजारा ने दिनों जी,
मिश्री रो लुंन बनायो जी,
मिश्री रो लुंन बनायो जी,
अजमालजी रा कंवरा,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

थारा परचा गिनिया ना जावे,
जियु समंदर की लहरा,
भक्ता खातिर खड़ा बाबा,
थी आठो ही पोर,
पांचवो तो परचो बानिया,
बोइतेेने दिनों जी,
डुबतोड़ी जहाज तराई जी,
डुबतोड़ी जहाज तराई जी,
अजमालजी रा कंवरा,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

खम्मा खम्मा ओ धनिया,
रुणिचे रा धनिया,
थाने तो ध्यावे आखो मारवाड़ हो,
आखो गुजरात हो,
अजमालजी रा कंवरा,
खम्मा खम्मा ओ धणिया,
रुणिचे रा धनिया।।

This Post Has One Comment

Leave a Reply