खोल आडो खोल म्हारी गाजण माँ धणीयानी ए

खोल आडो खोल म्हारी,
गाजण माँ धणीयानी ए।

दोहा – गाजण माँ को ध्यावसी,
होसी आनंद ऊजार,
हाथ जोड़ विनती करा,
मै माँ आयो थारे द्वार।

खोल आडो खोल म्हारी,
गाजण माँ धणीयानी ए,
अरे बोल मुखडे बोल म्हारी,
कुलदेवी महारानी ओ,
अरे आयोडा परिहारा ने दर्शन,
देवो म्हारी जोगमाया ओ।।

ए धर्मधारी मे आप बिराजो,
ए परिहारा री कुलदेवी ए,
ए धर्मधारी मे आप बिराजो,
ए परिहारा री कुलदेवी ए,
थारोडे टाबरिया ने चरने,
राखो जोगमाया ए।।

अरे ऊंचे पहाड़ आप बिराजो,
कुलदेवी महारानी ए,
अरे ऊंचे पहाड़ आप बिराजो,
कुलदेवी महारानी ए,
थारा तो सेवकीया दर्शन,
आवे जोगमाया रे।।

अरे बडगावडा सु भगत आया,
अरे धर्मधारी रे माई जी,
अरे बडगावडा सु भगत आया,
अरे धर्मधारी रे माई जी,
थारा तो जयकारा बोले,
म्हारी जोगमाया रे।।

ए लाल चुनडीया वाली म्हारी,
गाजण माँ धणीयानी ए,
लाल चुनडीया वाली म्हारी,
गाजण माँ धणीयानी ए,
थोरा भगता पर छत्तर छाया,
राखो जोगमाया ए।।

अरे धूप ने धुपेडा थारा,
सेवक लेने आवे जी,
धूप ने धुुपेडा थारा,
सेवक लेने आवे जी,
मंडोवर रा काला गोरा,
भेरू पुजुँ म्हारा माताजी।।

बडगावडा रा भगत मंडल,
गुण माताजी रा गावे जी,
बडगावडा रा सेवक थारा,
गुण माताजी रा गावे जी,
गाजण माँ भक्ति मे,
नित उठ सगला बोले जी।।

खोल आड़ो खोल म्हारी,
गाजण माँ धणीयानी ए,
अरे बोल मुखडे बोल म्हारी,
कुलदेवी महारानी ओ,
अरे आयोडा परिहारा ने दर्शन,
देवो म्हारी जोगमाया ओ।।

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