गुरूजी बिना जिवडो कैसे पावे धीर भजन लिरिक्स

गुरूजी बिना जिवडो,
कैसे पावे धीर,
सतगुरूजी बीना जीवडो,
कैसे पावे धीर।।

जो जो सतगुरु भेटियां,
राजा बनिया फकीर,
राजपाट खजाना छोड़ दिया,
अब क्या छोड़ जंजीर,
सतगुरूजी बीना जीवडो,
कैसे पावे धीर।।

भाग भला जो सतगुरु मिलिया,
लगो कलेजा चीर,
देवा माई देव गुरु जी,
पीरा मे पीर,
सतगुरूजी बीना जीवडो,
कैसे पावे धीर।।

गुरु मिलन की राई बताओ,
मिलो नूर में नूर,
गुरुमुखी बादल प्रेम का,
सुखसागर की सिर,
सतगुरूजी बीना जीवडो,
कैसे पावे धीर।।

लख्मी राम माने,
सतगुरु मिलिया,
मन में बंदी धीर,
हरिराम की विनती,
भाग पूरब लो हीर,
सतगुरूजी बीना जीवडो,
कैसे पावे धीर।।

गुरूजी बिना जिवडो,
कैसे पावे धीर,
सतगुरूजी बीना जीवडो,
कैसे पावे धीर।।

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