घणी खम्मा मारी बाण माता ने दर्शन दो जद आयी ए

राजस्थानी भजन घणी खम्मा मारी बाण माता ने दर्शन दो जद आयी ए
गायक – शंकर जी टाक।

घणी खम्मा मारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली।।

चितौड़ किला मे आप बिराजो,
चितौड़ किला रे माय आप बिराजो,
भगतो रा माँ कारज सारो,
भगतो रा माँ कारज सारो,
अरे हंस री असवारी ए,
मारी जग धनियानी,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली।।

गहलोत वंश माँ थाने मनावे,
गहलोत वंश माँ थाने मनावे,
कुलदेवी रा हरीजश गावे,
ए माँ कुलदेवी रा हरीजश गावे,
मारे मेहर करो भवानी ए,
मारी जग धनियानी,
मारे मेहर करो भवानी ए,
मारी जग धनियानी,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली।।

नमता नमता द्वारे आवे,
माँ निवता निवता द्वारे आवे,
चितौड़ किला रे माय शिश निवावे,
ए माँ चितौड़ किला रे माय शिश निवावे,
अरे शिवघर तू पटरानी ए,
मारी जग धनियानी,
ए शिवघर तू पटरानी ए,
मारी जग धनियानी,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली।।

रूप सोवनो प्यारो लागे,
अरे रूप सोवनो प्यारो लागे,
सज सिन्गार माँ वेगी आवे,
सज सिन्गार माँ वेगी आवे,
ए भगतो ने पार लगावे ए,
मारी जग धनियानी,
भगतो ने पार लगावे,
ए मारी जग धनियानी,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली।।

मावडी शरनो मे मोने राख,
टाबर शरने आया ए,
ए मावडी शरनो मे मोने राख,
टाबर शरने आया ए,
ए माँ गहलोत मनावे आज,
माता वेगी आईजो ए,
माता गहलोत मनावे आज,
माता वेगी आईजो ए।।

अरे महिमा जग में मोटी,
आज थाने सेवक मनावे रे,
अरे महिमा कलजुग मे मोटी,
थोने सेवक मनावे ए,
ए माता निजरो मे मोने राख,
टाबर शरने आया रे,
अरे मैया शंकर री अरदास,
थोरे मन्दिर सुनावे रे ए,
देवी शंकर री अरदास,
थाने गाय सुनावे रे,
ए माता बालक जोन ने आज,
माने शरने लिजो ए,
ए माता टाबर जोन ने आज,
माने शरने लिजो ए,
ए माता शरनो मे मोने राख,
टाबर शरने आया रे,
मावडी शरनो मे मोने राख,
टाबर शरने आया रे।।

घणी खम्मा मारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली,
घणी खम्मा म्हारी बाण माता ने,
दर्शन दो जद आयी ए,
मारी जग धनियानी,
दर्शन दो जद आयी ए,
माँ चितौड़ वाली।।

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