जद मारा हंसा जनमीया रे मारा पवना जी

राजस्थानी भजन जद मारा हंसा जनमीया रे मारा पवना जी
गायक – परभुराम भाट

जद मारा हंसा जनमीया रे मारा पवना जी,

दोहा-दिन उगे धन्धो करे ने रात पड़े सो जाय
ाधुनाथ निज का भाई सीमरण किणवीध थाय।

जद मारा हंसा जनमीया रे मारा हॅसला जी,
वाजीया सोवनीया थाल सोदागर हॅसा हां,
घणीये करु मनवार मारा पवना जी,
घणीये करु मनवार मारा हॅसला जी,
छोड़ मती जावो परभोम रे सोदागर हॅसा हां,
रो आजुणी रात रे मारा पवना जी,
रो आजुणी रात रे मारा हॅसला जी,
छोड़ मती जावो परभोम रे सोदागर हॅसा हां।।

थे ओबो मुॅ केल रे मारा पवना जी,
थे ओबो मुॅ केल रे मारा हॅसला जी,
एकण थोणे रोपीयाॅ सोदागर हॅसा हां,
हिसण वाला परा गीया रे मारा पवना जी,
हिसण वाला परा गीया रे मारा हॅसला जी,
कलमावा लागी वेल सोदागर हॅसा हां,
रो आजुणी रात रे मारा पवना जी,
रो आजुणी रात रे मारा हॅसला जी,
छोड़ मती जावो परभोम रे सोदागर हॅसा।।

थे रोटो मूॅ दाल रे मारा पवना जी,
थे रोटो मूॅ दाल रे मारा हॅसला जी,
एकण भोणे परूसीयाॅ सोदागर हॅसा हां,
जीमण वाला परा गीया रे मारा पवना जी,
जीमण वाला परा गीया रे मारा हॅसला जी,
वलखाॅ लागे थाल होदागर हॅसा हां,
रो आजुणी रात रे मारा पवना जी,
रो आजुणी रात रे मारा हॅसला जी,
छोड़ मती जावो परभोम रे सोदागर हॅसा हां।।

उॅची मेड़ी उजली मारा पवना जी,
ऊंची मेड़ी उजली रे मारा हॅसला जी,
माय हिंडोला खाट सोदागर हॅसा हां,
पोढण वाला परा गीया रे मारा पवना जी,
पोढण वाला परा गीया रे मारा हॅसला जी,
वलखाॅ लागे खाट होदागर हॅसा हां,
रो आजुणी रात रे मारा पवना जी,
रो आजुणी रात रे मारा हॅसला जी,
छोड़ मती जावो परभोम होदागर हॅसा हां।।

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