जियो के माता मोटी है जगदम्बा देवी नागाणा री राय

जियो के माता मोटी है जगदम्बा,
देवी नागाणा री राय,
के दर्न करो सगला जाय,
ओ माता नागनेची रो परचो भारी,
इन कलयुग रे माय,
के दर्शन करलो सगला जाय

जियो के माता आसोज में,
नवराता आवे देवी हर बार,
के दर्शन करलो सगला जाय,
के हालो रास रचावा गरबा गावा,
लुल लुल लागा पाव,
के दर्शन करलो सगला जाय।।

जियो के भाईडा भाकर फोड,
भवानी आयी नागाणा रे माय,
के दर्शन करलो सगला जाय,
के भाईडा दर्शन ने जातरू आवे,
आवे सब नर नार,
के दर्शन करलो सगला जाय।।

जियो के भाईडा आंधा दिखे,
गूंगा बोले माता के दरबार,
के दर्शन करलो सगला जाय,
के भाईडा पांगल्या ने पाव दिरावे,
निर्धन ने धनमाल,
के दर्शन करलो सगला जाय।।

जियो के माता कोढिया रा कोढ,
मिटावे राखे छत्तर छाव,
के दर्शन करलो सगला जाय,
के माता बांज्या री आस पुरावे,
पालनीया बंधाय,
के दर्शन करलो सगला जाय।।

जियो के माता दोय कर जोड्या,
अर्जुन गावे थारे शरणा माय,
के दर्शन करलो सगला जाय,
ओ माता शरणागत री लाज,
पुरावे होवे है सब काम,
के दर्शन करलो सगला जाय।।

जियो के माता मोटी है जगदम्बा,
देवी नागाणा री राय,
के दर्शन करलो सगला जाय,
ओ माता नागनेची रो परचो भारी,
इन कलयुग रे माय,
के दर्शन करलो सगला जाय।।

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