झाकोडा नगरी में थोरो बेसनो हो राज भेरुजी भजन

झाकोडा नगरी में थोरो बेसनो हो राज,
अरे आवे आवे बालक ने नर नार,
अरे झाकोड़ा नगरी में बनीयो देवरो हो राज,
अरे आवे आवे बालक ने नर नार,
अरे अलगा नेडा रा आवे जातरू राज,
आवे भेरूजी थोरे द्वार,
अरे अलगा नेडा रा आवे जातरू राज,
आवे आवे बालक ने नर नार,
अरे मारे वाडा मे हरीयो रूकडो राज,
रमता पधारो भेरू नाथ।।

अरे भादवी पुनम रो मेलो आपरो राज,
ए रमता पधारो भेरू नाथ,
अरे माघ आठम रो मेलो आपरो राज,
अरे भैरव री होवे आरती राज,
अरे काला भेरूजी आवे आज,
अरे मारे आंगने मे हरीयो रूकडो राज,
रमता पधारो भेरू नाथ।।

अरे शनिवार री गादी आपरी राज,
आका दिरावे भोपोजी आज,
अरे शनिवार री गादी आपरी राज,
आका दिरावे भोपोजी,
अरे शंकर भोपोजी चरने आविया राज,
राखो भगतो रे ऊपर मेहर।।

अरे झाकोडा नगरी में बनीयो देवरो राज,
अरे काला गोरा भेरू नाथ,
अरे दास कन्हैयो गावे भाव सु राज,
गाँव झाकोडा माय,
अरे दास कन्हैयो गावे भाव सु राज,
गाँव झाकोडा माय,
अरे मारे आंगन में हरीयो रूकडो राज,
जिन री है ठंडी ठंडी छाव,
अरे रूकडो भेरूजी रमता आवजो हो राज,
सेवक जोवे थोरी बाट,
झाकोडा नगरी में थोरो बेसनो हो राज,
अरे आवे आवे बालक ने नर नार।।

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