दर्द ना जाने कोई मायरी मेरो दर्द न जाने कोई लिरिक्स

दर्द ना जाने कोई,

दोहा – काजल लागे किरकरो,
ओर सुरमो सयो नही जाय,
जिन नैना मोहन बसे,
तो दूजो किया रे समाय।

दर्द ना जाने कोई,
दर्द न जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई।।

दर्द की मारी वन वन डोलु,
दर्द की मारी वन वन डोलु,
वैद्य मिल्यो न कोई,
वैद्य मिल्यो न कोई,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई।।

हिरा री गत जोहारी जाने,
हिरा री गत जोहारी जाने,
जो कोई जोहारी होय,
जो कोई जोहारी होय,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई।।

सूली ऊपर सेज पिया की,
सूली ऊपर सेज पिया की,
ओ सोवनो किन विद होय,
सोवनो किन विद होय,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई।।

घायल की गत घायल जाने,
घायल की गत घायल जाने,
जो कोई घायल होय,
जो कोई घायल होय,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई।।

दर्द न जाने कोई,
दर्द न जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई,
मायरी मेरो दर्द न जाने कोई।।

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