धिन धिन ओ वालेरा रा धणीया भजन लिरिक्स

धिन धिन ओ वाेरा रा धणीया,
ओ जुगडा मे ज्योति समाई ओ राज,
गाँव वालेरा मे सुजा रे भारती जी,
गाँव वालेरा मे सुजा रे भारती जी,
ओ भगता ने दर्न देवे ओ राज,
सेवक थारा दर्शन आवे,
सेवक थारा दर्शन आवे,
चरना मे सुख पावे ओ राज,
धिन धिन ओ वालेरा रा धणिया

सोला संतोषी आप पहनीया,
सोला संतोषी आप पहनीया,
ए ज्ञान गैरू मे रंगीया ओ राज,
सुमता री चादर आप ओडने,
सुमता री चादर आप ओडने,
निर्मल भभुती लगाया ओ राज,
सुजा भारतीजी सन्यासी ऐसा,
सुजा भारतीजी सन्यासी ऐसा,
दुनिया दर्शन आयी ओ राज,
धिन धिन ओ वालेरा रा धणिया।।

सील लंगोटा आप भिडीया,
सील लंगोटा आप भिडीया,
ए खमीया पाँव ए चढिया ओ राज,
झरना री थे झोली गाल दी,
झरना री थे झोली गाल दी,
ओ निर्गुण रोट लाया ओ आप,
सुजा भारतीजी ऐसे तपधारी,
सुजा भारतीजी ऐसे तपधारी,
शिव की अलख जगावे ओ राज,
धिन धिन ओ वालेरा रा धणिया।।

मन रा किना आप मणकला,
मन रा किना आप मणकला,
इन तन डोरा मे पोया ओ राज,
घट में माला आप फेरता,
घट में माला आप फेरता,
नाम निगेह कर जोया ओ राज,
प्रभु भारतीजी गुरू आपके,
सिर पर हाथ धरे गुरू थारे,
श्याम पालीवाल’ गावेे ओ राज,
धिन धिन ओ वालेरा रा धणीया।।

धिन धिन ओ वालेरा रा धणीया,
ओ जुगडा मे ज्योति समाई ओ राज,
गाँव वालेरा मे सुजा रे भारती जी,
गाँव वालेरा मे सुजा रे भारती जी,
ओ भगता ने दर्शन देवे ओ राज,
सेवक थारा दर्शन आवे,
सेवक थारा दर्शन आवे,
चरना मे सुख पावे ओ राज,
धिन धिन ओ वालेरा रा धणिया।।

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