धीन घडी धीन भाग मारे सतगुरु आविया रे लिरिक्स

प्रकाश माली भजन धीन घडी धीन भाग मारे सतगुरु आविया रे लिरिक्स
स्वर – प्रकाश माली जी।

धीन घडी धीन भाग मारे,
सतगुरु आविया रे,
ओ मारे धीन घडी,
धीन भाग।।

अरे ऊंची पाल शब्द की,
नीचो जमना नीर,
ऊंचो चढने जोवियो रे,
चौदस दिखे रे कबीर,
सतगुरु आविया रे,
ओ मारे धीन घडी,
धीन भाग।।

अरे काई सु बुहारू मेतो,
आंगनो जी ओ संतो,
काई रे गालू गाल,
चन्दन बुहारू मेतो आंगनो जी,
चन्दन बुहारू मेतो आंगनो जी,
केशर गालू गाल,
सतगुरु आविया रे,
ओ मारे धीन घडी,
धीन भाग।।

अरे आंगनीये बवानू डोडा,
एलची जी ओ संतो,
सुगना री नागर बेल,
थाल भरू गज मोतीया री,
करू गुरूजी री सेव,
सतगुरु आविया रे,
ओ मारे धीन घडी,
धीन भाग।।

जुगन जुगन मे,
एरिया जी ओ संतो,
सतगुरु मिलीया रे नही,
बाई अमना री विनती जी,
बाई अमना री विनती जी,
सतगुरु मिलीया रे कबीर,
सतगुरु आविया रे,
ओ मारे धीन घडी,
धीन भाग।।

धीन घडी धीन भाग मारे,
सतगुरु आविया रे,
ओ मारे धीन घडी,
धीन भाग।।

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