परारे भवा में मति जाव ओलखले जोगा

राजस्थानी भजन परारे भवा में मति जाव ओलखले जोगा
गायक – संत कन्हैयालाल जी।

परारे भवा में मति जाव,
ए ओलखले जोगा,
अरे परारे भवा मे मती जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
अरे परारे भवा मे मती जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
श्याम वरण ओ मारा सावरा,
ओ मारा राम।।

ए अरे उगे सोच बाजार,
ए उगे सोच बाजार,
अरे वटे तो कोनी रे देश हमारो रे,
अरे उगे सोच बाजार,
वटे तो कोनी देश हमारो रे,
अरे नहीं चन्दा नही भान,
अरे नहीं चन्दा नही भान,
अरे बिना सूरज रेवे ऊजालों रे,
अरे परारे भवा मे मती जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
श्याम वरण ओ मारा सावरा,
ओ मारा राम।।

ए अरे धरा रे गगन रे बीच,
ए अरे धरा रे गगन रे बीच,
तपसी तो तापे तापन वालो रे,
अरे धरा रे गगन रे बीच,
तपसी तो तापे तापन वालो रे,
अरे अंग पर कोनी रे भभूत,
अरे तापे जोगी तापन वालो रे,
अंग पर कोनी रे भभूत,
अरे तापे जोगी तापन वालो रे,
अरे परारे भवा मे मती जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
श्याम वरण ओ मारा सावरा,
ओ मारा राम।।

ए अरे अडा रे उलद रे बीच,
ए अडा रे उलद रे बीच,
जग रो रसीयो भारम भारी रे,
अरे अडा रे उलद रे बीच,
जग रो रसीयो भारम भारी रे,
अरे सूरा पूरा खेले जटे डाव,
अरे सूरा पूरा खेले जटे डाव,
अरे मिलीया जाने,
एक गुरु रो सहारो रे,
अरे परारे भवा मे मती जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
श्याम वरण ओ मारा सावरा,
ओ मारा राम।।

ए गूंगो तो गावे जटे गीत,
ए गूंगो तो गावे जटे गीत,
ए बोला वटे सुनवा वाला रे,
अरे गूंगो तो गावे जटे गीत,
बोला वटे सुनवा वाला रे,
अरे पोंगलीया नाचे वटे नाच,
अरे पोंगलीया नाचे वटे नाच,
अरे आंधा जटे निरखन वाला रे,
अरे पोंगलीया नाचे वटे नाच,
अरे आंधा जटे निरखन वाला रे,
अरे परारे भवा मे मती जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
श्याम वरण ओ मारा सावरा,
ओ मारा राम।।

ए अरे गुरु मिलीया नाथ गुलाब,
अरे गुरु मिलीया नाथ गुलाब,
अरे खुलीया मारा हिरदे रा ताला रे,
अरे गुरु मिलीया नाथ गुलाब,
अरे खुलीया मारा हिरदे रा ताला रे,
अरे गावे भवानी नाथ,
अरे भजनो मे मारे हुआ उजीयाला रे,
ए गावे भवानी नाथ,
अरे भजनो मे हुआ उजीयाला रे,
अरे परारे भवा में मति जाव,
ओलखले जोगा,
एडो कुन आयो रे,
श्याम वरण ओ मारा सावरा,
ओ मारा राम।।

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