बिरा राम नाम गुण गावो रे अवसर आयो हाथ

बिरा राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे

ख चोरासी भटकत भटकत,
मु्कील मोको आयो,
सत पुरूषा का साथ करो,
गफलत न दुर हटावो जी,
बिरो राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे।।

घणा दिना तक सो लिया वीरो,
अब तो नींद उडावो,
सूरा होय मोरचा न रोको,
मत ना पीठ दिखाओ जी,
बिरो राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे।।

दुतीया दुख की बेलडी है,
ईन काट बगावो,
संगत अपना साचा साथी,
का संग प्रेम बडावो जी,
बिरो राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे।।

बुद्धि बन्दूक लेवो कर माही,
विधा बारूद भरावो,
पोल पंथ का खोज उडाकर,
सत का राज जमावो जी,
बिरो राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे।।

समय अमोलक रत्न जगत में,
मोड न पाछी आवे,
खीव कहे करणी सो अब कर,
देर कर्या पछताव जी,
बिरो राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे।।

बिरा राम नाम गुण गावो रे,
अवसर आयो हाथ,
मुफत में मत गमावो रे,
बिरो राम नाम गुण गावो रे।।

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