बढ़ाई तू मत कर मन में गेला भजन लिरिक्स

बढ़ाई तू मत कर मन में गेला,

दोहा – ये जिन्दगी जब तक रहेगी,
फुरसत न होगी काम से,
कुछ समय ऐसा निकालो,
ए प्राणी प्रेम करलो भगवान से।
तोड पुण्य की पाल जोडे पाप ने,
साला निवत जिमाय धका दे बाप ने,
करे नार की भीड गाल दे बहन ने,
ए बाजिन्द वो नर नरका जाय,
ठोर न रेण मे।
समय भोम चुप जाय,
समय फिर रेण बसावे,
बडे बढाई न करे,
बडे न बोले बोल,
हिरा मुख सु कब कहे,
लाख टका मेरो मोल।

बढ़ाई तू मत कर मन में गेला,
अरे थारा पछे हाल काई वेला,
बढाई तू मत कर मन मे गेला।।

अरे करी रे बढाई कई नर मरीया,
देख थारा सु पहला,
करी रे बढाई कई नर मरीया,
देख थारा सु पहला,
अरे कुम्भकर्ण रावण ने देखो,
कुम्भकर्ण रावण ने देखो,
अरे वही हाल थारे वेला,
बढाई तू मत कर मन मे गेला।।

अरे वाणी बोल ओ हियो भरमावे,
खुद माया मे वेला,
अरे वाणी बोल ओ हियो भरमावे,
नर खुद माया मे वेला,
अरे स्वर्गा री पेढी है अलगी,
स्वर्गा री पेढी है अलगी,
अरे नरका मे तू पडेला,
बढाई तू मत कर मन मे गेला।।

अरे आटी मूंछ घणा नर राखे,
मन मे बन जावे चेला,
आटी मूंछ घणा नर राखे,
मन मे बन जावे चेला,
राम नाम री काट करे वो,
राम नाम री काट करे वो,
यम जूतो री वटे देला ओ,
बढाई तू मत कर मन मे गेला।।

अरे अजे थके तू चेतले बन्दा,
अरे होजा असली रा चेला,
अजे थके तू चेतले बन्दा,
होजा असली रा चेला,
“रामनिवास” शरण सतगुरु री,
रामनिवास शरणं सतगुरु री,
अरे नित उठ दे रयो हेला,
बढाई तू मत कर मन मे गेला।।

बढ़ाई तू मत कर मन में गेला,
अरे थारा पछे हाल काई वेला,
बढाई तू मत कर मन मे गेला।।

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