भेरूजी रमता आवे जी म्हारे सोनाला रा नाथ लिरिक्स

देवी रो अगवान म्हारी,
देवी रो अगवान म्हारी,
माताजी रो लाल,
ए खेतलाजी रमता आवे जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवे जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

गाँव सारंगवा आप बिराजो,
गाँव सारंगवा आप बिराजो,
भगता रा रखवाल,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

सूरज सामी बनीयो देवरो,
सूरज सामी बनीयो देवरो,
सारंगवा रे माय,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

तेल सिन्दूर मै थाने चढावा,
तेल सिन्दूर मै थाने चढावा,
श्वान सवारी आप,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

ढोल नगाडा मै तो बजावा,
ढोल नगाडा थारे बाजे,
पगे घुंगरीया री माल,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

सुन्धा माँ रा कहिजे लाडला,
सुन्धा माँ रा कहिजे लाडला,
सिवरू दिन ने रात,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

इन कलयुग मे एक आसरो,
इन कलयुग मे एक आसरो,
सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

चैत्र महीने मेलो लागे,
चैत्र महीने मेलो लागे,
एकम् बीज रो जाण,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

अशोक वासु पर किरपा किजो,
प्रकाश भरत पर किरपा किजो,
सोनाला रा नाथ,
देवेन्द्र दुर्गेश विशाल अनुप,
आया थारे द्वार,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवें जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

देवी रो अगवान म्हारी,
देवी रो अगवान म्हारी,
माताजी रो लाल,
ए खेतलाजी रमता आवे जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ,
भेरूजी रमता आवे जी,
म्हारे सोनाला रा नाथ।।

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