भोला गिरीजी भजन कमाया ओ एतो संतो मे सिद्धेश्वर केवाया

भोला गिरीजी भजन कमाया ओ,
एतो संतो मे सिद्धेश्वर केवाया ओ,
म्हारा गुरूजी भगता रे मन भाया ओ राज,
एतो सिद्धेश्वर संतो रे मन भाया ओ राज।।

रतनपुरा में गुरूजी धुनो धुकायो रे,
शिव रे नाम रो अलख जगायो रे,
माला मे मनडो लगायो रे,
गुरूजी भोला गिरीजी अमर पद पायो रे,
गुरूदेव जी भगता रे मन भाया ओ राज,
एतो सिद्धेश्वर संतो रे मन भाया ओ राज।।

आप गुरूजी म्हारा पर उपकारी ओ,
शरणे आयो री दुविधा निवारी ओ,
लीला लहर कराया रे गुरूजी,
सुख संपत्ति ने बढाया रे,
गुरूदेव जी भगता रे मन भाया ओ राज,
एतो सिद्धेश्वर संतो रे मन भाया ओ राज।।

लिखे रे जोरावर महिमा बखानी रे,
श्याम पालीवाल’ गावे,
भोला गिरीजी वाणी रे,
सत्य लोक सु कलयुग आया ओ,
गुरूजी इन्द्र संगीत बजाया ओ,
म्हारा गुरूजी भगता रे मन भाया ओ राज,
एतो सिद्धेश्वर संतो रे मन भाया ओ राज।।

भोला गिरीजी भजन कमाया ओ,
एतो संतो मे सिद्धेश्वर केवाया ओ,
म्हारा गुरूजी भगता रे मन भाया ओ राज,
एतो सिद्धेश्वर संतो रे मन भाया ओ राज।।

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